
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, खासकर ईरान और इजरायल के बीच बिगड़ते हालात को लेकर केंद्र सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक शुरू हो गई है। इस अहम बैठक में मौजूदा स्थिति और उसके भारत पर संभावित प्रभावों पर चर्चा की जा रही है।सरकार की तरफ से एस. जयशंकर, निर्मला सीतारमण और हरदीप सिंह पुरी मौजूद हैं। वहीं विपक्षी दलों से कांग्रेस के मुकुल वासनिक और तारिक अनवर, जेडीयू के संजय झा और ललन सिंह, तथा सीपीआई (एम) के जॉन ब्रिटास बैठक में शामिल हुए हैं।इस दौरान विदेश सचिव विक्रम मिस्री सभी दलों को पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और उसके असर को लेकर विस्तार से जानकारी दे रहे हैं।


हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने इस बैठक से दूरी बना ली है। पार्टी की नेता सागरिका घोष ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि संसद में नरेंद्र मोदी द्वारा पश्चिम एशिया संकट पर कोई ठोस समाधान पेश नहीं किया गया।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष को न तो एलपीजी संकट और न ही पश्चिम एशिया के मुद्दे पर खुलकर बोलने का मौका दिया जा रहा है। सागरिका घोष ने सवाल उठाया कि जब संसद सत्र चल रहा है, तो इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा सदन में कराने के बजाय अलग से सर्वदलीय बैठक क्यों बुलाई जा रही है।
टीएमसी का कहना है कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाकर जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रही है।सरकार की तरफ से एस. जयशंकर, निर्मला सीतारमण और हरदीप सिंह पुरी मौजूद हैं। वहीं विपक्षी दलों से कांग्रेस के मुकुल वासनिक और तारिक अनवर, जेडीयू के संजय झा और ललन सिंह, तथा सीपीआई (एम) के जॉन ब्रिटास बैठक में शामिल हुए हैं।इस दौरान विदेश सचिव विक्रम मिस्री सभी दलों को पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और उसके असर को लेकर विस्तार से जानकारी दे रहे हैं। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने इस बैठक से दूरी बना ली है। पार्टी की नेता सागरिका घोष ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि संसद में नरेंद्र मोदी द्वारा पश्चिम एशिया संकट पर कोई ठोस समाधान पेश नहीं किया गया।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष को न तो एलपीजी संकट और न ही पश्चिम एशिया के मुद्दे पर खुलकर बोलने का मौका दिया जा रहा है। सागरिका घोष ने सवाल उठाया कि जब संसद सत्र चल रहा है, तो इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा सदन में कराने के बजाय अलग से सर्वदलीय बैठक क्यों बुलाई जा रही है।टीएमसी का कहना है कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाकर जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रही है।



