
बिलासपुर : छत्तीसगढ़ पुलिस का एक दस्ता नक्सली मोर्चे पर अपनी जान जोख़िम में डाल कर अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की बेजोड़ मिसाल पेश कर रहा है,तो दूसरी ओर अवैध वसूली में जुटे कई अधिकारी सालों से मैदानी इलाकों में चांदी काट रहे है। ऐसे अधिकारियों के काले कारनामों से राज्य की बीजेपी सरकार की प्रतिष्ठा दांव पर है,जबकि पुलिस के अपराधीकरण की क़वायतों के बीच पुलिस मुख्यालय की बेरूख़ी महकमें के भीतर आग में घी का काम कर रही है।

सूरते हाल यह है,कि स्पा की आढ़ में जिस्मफरोशी और ऐसी ही अवैधानिक गतिविधियों का संचालन करने वाले कारोबारियों से बिलासपुर के एक एडिशनल एसपी की सांठगांठ सामने आई है। ये साहब,वैश्यावृत्ति और जिस्मफरोशी के कारोबार पर रोक लगाने के बजाए स्पा संचालकों से अवैध वसूली करने में पीछे नहीं बताए जाते है। एक स्पा संचालक से 30 हज़ार के बजाए 50 हज़ार की मांग वाला एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया में वायरल है। इस वीडियो ने उनकी कार्यप्रणाली की छाप उजागर कर दी है।

वीडियो सामने आने के बाद बिलासपुर रेंज के आईजी ने मामले की जांच के निर्देश दिए है। स्पा संचालकों से उनकी मेल-मुलाकात से जुड़ा उनके इस वीडियो ने छत्तीसगढ़ पुलिस की बेचैनी बढ़ा दी है। इस वीडियो में तस्दीक की जा रही है, कि बिलासपुर में चर्चित एडिशनल एसपी राजेन्द्र जायसवाल स्पा सेंटर में छापा मारने और फर्जी कार्रवाई करने की धमकी देते है।

पीड़ितों का दावा है, कि अवैध वसूली के लिए दबाव बनाने हेतु उनके द्वारा कई बार चेतावनी भी दी गई थी, जिससे वे मानसिक रूप से परेशान हो गए थे। आखिरकार,उन्होंने हकीकत जाहिर करने के लिए इस एएसपी का वीडियो बनाया और सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। पीड़ित का दावा है,कि वसूलीबाज़ एएसपी द्वारा लगातार पैसों की मांग की जा रही थी। मुंह मांगी रकम न देने पर जब उनके द्वारा फर्जी मामलो में फंसाने की चेतावनी दी गई, तब वे इस अफसर के दफ़्तर पहुंचे और अपनी आपबीती सुनाई थी, फिर भी “साहब” मुंह मांगी रक़म के लिए अढे रहे।

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स्पा संचालक के मुताबिक मासिक भुगतान की अवैध रक़म एका एक बढ़ा दी गई। उनका दावा है, कि आम स्पा कारोबारियों का रेट फिक्स कर दिया गया है। कारोबारी अमन सेन ने आरोप लगाया कि शहर में स्पा सेंटर चलाने के लिए तत्कालीन एएसपी को हर महीने 30 हजार रुपये देने पड़ते थे। लेकिन ये “साहब” 50 हज़ार पर अढे रहे। उनका कहना है, कि दिसंबर 2025 में जब उन्होंने यह रकम देना बंद कर दिया, तभी से उनके खिलाफ धमकियों और कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो गया.उन्हें छापे की धमकी दी गई।

स्पा सेंटर संचालक ने लगाए गंभीर आरोप स्पा संचालक लोकेश सेन और उनके भाई अमन सेन का कहना है कि उनसे लंबे समय तक अवैध रूप से पैसे वसूले जाते रहे. उनका आरोप है कि प्रत्येक माह उगाही की रकम के भुगतान के बाद ही व्यवसाय चलाने की अनुमति दी जाती थी. जब एएसपी को यह रकम देना बंद कर दिया गया, तो उन्होंने उनके स्पा सेंटर जानबूझकर निशाने पर लिया था। उनके स्पा सेंटर में 6 जनवरी को फर्जी कार्रवाई के तहत छापा मारा गया था। लोकेश और अमन सेन का आरोप है कि उगाही बंद करने के बाद उनके स्पा सेंटर पर दबाव डालने के लिए एकतरफा कार्रवाई की गई थी,जिसका मकसद व्यवसाय को नुकसान पहुंचाना था।

पीड़ितों की दलील है,कि वीडियो बनाने के बाद उनके द्वारा आईजी बिलासपुर रेंज को लिखित शिकायत की गई थी, इसमें मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। प्रकरण की जांच को लेकर बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह का एक पत्र सामने आया है, इसमें शिकायकर्ता से सात दिवस के भीतर साक्ष्य उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। उधर,वीडियो में नज़र आ रहे पीड़ित और एडिशनल एसपी राजेन्द्र जायसवाल के बीच बातचीत का दौर लगभग 8 मिनट का बताया जा रहा है। हालाँकि, न्यूज़ टुडे छत्तीसगढ़ इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता। न्यूज़ टुडे छत्तीसगढ़ ने एएसपी राजेंद्र जायसवाल से उनके मोबाइल पर संपर्क किया,लेकिन कोई प्रतिउत्तर नहीं प्राप्त हो सका।
छत्तीसगढ़ में जिस्मफ़रोशी का लाइसेंस मात्र 50 हज़ार में, देखें बिलासपुर के एएसपी का UNCUT वायरल वीडियो,स्पा संचालकों ने बनाया वीडियो,जांच के निर्देश…






