
राजस्थान: जयपुर जिले के चौमूं कस्बे में हालिया हिंसा के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। आज शुक्रवार को नगर परिषद और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से मस्जिद के पास किए गए कथित अतिक्रमण को हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई उन लोगों के खिलाफ की गई है, जिन पर हाल ही में हुई पत्थरबाजी और हिंसा में शामिल होने के आरोप हैं।

जयपुर पश्चिम के एडीसीपी राजेश गुप्ता ने बताया कि नगर परिषद की ओर से अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने पहले 19 से 20 लोगों को नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। तय समयसीमा पूरी होने के बाद अब अवैध ढांचों को ध्वस्त किया जा रहा है। उन्होंने यह भी साफ किया कि जिन लोगों ने पत्थरबाजी और हिंसा का सहारा लिया था, उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

चौमूं थाने के एसएचओ प्रदीप शर्मा ने कहा कि नगर परिषद ने जिन स्थानों को अतिक्रमण के तौर पर चिह्नित किया था, वहां कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है और जो भी गलत पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। नगर परिषद के स्वास्थ्य निरीक्षक संदीप सिंह कविया ने बताया कि तीन दिन पहले 20 से 22 लोगों को नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें सड़क पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए गए थे। समय सीमा समाप्त होने के बाद अब प्रशासन ने खुद कार्रवाई शुरू कर दी है।

26 दिसंबर की घटना से जुड़ा है मामला
गौरतलब है कि 26 दिसंबर को चौमूं में मस्जिद के पास अतिक्रमण को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद हिंसा में बदल गया था। पुलिस कार्रवाई के दौरान उपद्रवियों ने पुलिस पर पत्थरबाजी की, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। जयपुर पश्चिम के डीसीपी हनुमान प्रसाद मीणा ने बताया कि हिंसा के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 110 से अधिक उपद्रवियों को हिरासत में लिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और इंटरनेट सेवाएं भी अस्थायी रूप से बंद की गईं, ताकि अफवाहों को फैलने से रोका जा सके।







