रायपुर : छत्तीसगढ़ में PM नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जल्द दस्तक देने वाले है, दोनों ही नेता यहां दो दिन से ज्यादा का वक्त गुजारेंगे। इस दौरान कई महत्त्वपूर्ण बैठके आयोजित की गई है। PM और गृह मंत्री की मौजूदगी में आयोजित होने वाली ये बैठके सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि देश के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वीवीआईपी सुरक्षा समेत PM नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत अन्य अतिथियों की अगुवाई की तैयारियों का जायजा लिया है। छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार कोई प्रधानमंत्री लगभग तीन दिनों तक आतिथ्य स्वीकार करेगा। इस दौरान वीवीआईपी को छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का स्वाद चखाने का विशेष प्रबंध भी किया गया है। PM नरेंद्र मोदी, विधान सभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह और उनके परिजनों से भी मुलाकात करेंगे।

इसी माह अपने पूर्व में रायपुर प्रवास के दौरान PM नरेंद्र मोदी ने पूर्व मुख्यमंत्री के परिजनों से मेल- मुलाकात का वादा किया था। बीजेपी के कई शीर्ष नेता भी रायपुर का रुख कर रहे है। इसके साथ ही सर्वाधिक जोर वीवीआईपी सुरक्षा की ओर भी दिया जा रहा है। DG–IG कॉन्फ्रेंस के लिए नवा रायपुर में 2000 से अधिक जवानों की तैनाती की गई है। सुरक्षा की कमान एडीजीपी दिपांशु काबरा को सौंपी गई है। उनके नेतृत्व में 38 वरिष्ठ IPS–SPS अधिकारी मोर्चे पर तैनात किए गए है।

एडीजीपी (ADG) दीपांशु काबरा छत्तीसगढ़ कैडर के 1997 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं, वे अपनी विशिष्ट कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। प्रदेश में वीवीआईपी मूवमेंट के बहाने ही सही, दीपांशु काबरा एक बार फिर सुर्ख़ियों में है। राज्य में वर्ष 2023 में बीजेपी के सत्ता में आने के बाद काबरा गुमनामी के दौर में चले गए थे। उन्होंने कांग्रेस राज में जनसम्पर्क विभाग की कमान संभाली थी। बीजेपी के मौजूदा दौर में, काबरा एडीजी प्रशिक्षण और अजाक (आदिम जाति कल्याण) की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उन्हें PM मोदी के रायपुर प्रवास के मद्देनजर महत्त्वपूर्ण जवाबदारी सौंपी गई है। ज्योतिषः शास्त्रियों की माने तो, इस नई जवाबदारी से दीपांशु काबरा की “देवउठनी” तय हो गई है, वीवीआईपी सुरक्षा प्रमुख होने नाते PM मोदी की अगुवाई करने वाले अफसरों में काबरा का नाम भी शामिल बताया जाता है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस महकमें में इसे सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। आमतौर पर सत्तासीन सरकार के दो साल के कार्यकाल खत्म होते ही दीपांशु काबरा का भाग्योदय तय माना जाता है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के भू-पे राज में काबरा को लगभग दो साल बाद सरकार की मुख्यधारा में शामिल होने का मौका मिला था। ज्योतिषः शास्त्रियों की माने तो,इस बार भी ऐसा ही योग बन रहा है, गुमनामी का दौर समाप्ति की ओर बताया जा रहा है।

उधर ,पीएम, HM और NSA की आवाजाही को देखते हुए रायपुर समेत आस-पास के इलाकों में बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा सक्रिय हो गया है। एसपीजी और आईबी समेत कई उच्चस्तरीय एजेंसियां भी एक्टिव मोड़ बताई जाती है। वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए एकीकृत काउंटर–मेज़र प्रोटोकॉल लागू किया गया है। राजधानी के नवा रायपुर, अटल नगर में 28 से 30 नवम्बर तक होने जा रहे डीजी–आईजी सम्मेलन को लेकर सुरक्षा तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) परिसर में आयोजित होने वाले इस अखिल भारतीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की उपस्थिति के चलते पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं।

यह पहला अवसर है जब छत्तीसगढ़ इस राष्ट्रीय पुलिस नेतृत्व बैठक की मेजबानी कर रहा है। नवा रायपुर में उच्चतम सुरक्षा मानकों के अनुरूप कर्मियों की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था का ढांचा बहुस्तरीय है, जिसमें जमीनी तैनाती, आकाशीय निगरानी और रियल–टाइम रूट ऑब्जर्वेशन को एकीकृत किया गया है। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन के लिए 2000 से अधिक पुलिसकर्मी और स्पेशल यूनिट्स को लगाया गया है। इनमें 38 वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, जो आईपीएस और एसपीएस श्रेणी के हैं और विभिन्न सेक्टरों में तैनाती, मार्ग नियंत्रण तथा वीवीआईपी मूवमेंट की निगरानी की कमान संभाल रहे हैं। इनके साथ रायपुर एवं नवा रायपुर के विभिन्न थानों के एसएचओ और प्रशिक्षित कॉन्स्टेबल बल भी तैनात किए गए हैं।

एक जानकारी के मुताबिक, सात एसएसपी–एसपी स्तर के अधिकारी और 25 एसपीएस अधिकारी (एएसपी से डीएसपी रैंक तक) सेक्टर–बेस्ड जिम्मेदारियों पर तैनात हैं, जिनमें रूट ऑडिट, तैनाती सत्यापन, रिस्पॉन्स–टीम की तत्परता और सम्मेलन के दौरान संभावित आपात स्थितियों का निपटारा शामिल है। वीवीआईपी के आगमन–प्रस्थान से लेकर सम्मेलन स्थल की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, वाहनों के मूवमेंट, कम्युनिकेशन प्रोटोकॉल और अनुशासन की पूरी रूपरेखा तय की गई है।

उधर, यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने, वीवीआईपी मार्गों को अवरोध–मुक्त रखने, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्टिंग करने और ड्यूटी के दौरान साफ–सुथरा टर्न–आउट बनाए रखने के पुख्ता निर्देश दिए गए है। वीआईपी मार्गों पर अवारा पशुओं को रोकने और मार्गों को निरंतर मॉनिटर करने का भी जिम्मा पुलिसकर्मियों सौंपा गया है। नवा रायपुर में भारी वाहनों पर रोक लगा दी गई है। डीजी–आईजी सम्मेलन के दौरान वीवीआईपी मूवमेंट को निर्बाध रखने के लिए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रायपुर ने नवा रायपुर क्षेत्र में मध्यम और भारी वाणिज्यिक वाहनों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगाने का आदेश जारी किया है। यह प्रतिबंध माना एयरपोर्ट से स्पीकर हाउस और आईआईएम को जोड़ने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर लागू रहेगा। मोटरयान नियम 1994 के नियम 215 के अन्तर्गत जारी आदेश में परिवहन विभाग, संभागीय कार्यालय, एसडीएम, पुलिस अधिकारियों और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को तत्काल अनुपालन की निर्देशिका भेजी गई है।
