
शिमला। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रामपुर क्षेत्र में एक ऐसा साहसिक और दिल छू लेने वाला मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया है। यहां हिमाचल पुलिस के एक जवान ने अपनी जान की परवाह किए बिना एक महिला को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में पुलिस की बहादुरी और इंसानियत की जमकर सराहना हो रही है। यह घटना मंगलवार दोपहर की है, जब रामपुर थाना में करीब 12:59 बजे एक आपातकालीन कॉल प्राप्त हुई। कॉल करने वाले महिला संदिग्ध स्थिति में खड़ी है और वह किसी भी समय सतलुज नदी में छलांग लगा सकती है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझा और बिना देर किए तुरंत मौके के लिए रवाना हो गई। पुलिस टीम जैसे ही घटनास्थल पर पहुंची, उसी समय एक बेहद खौफनाक दृश्य सामने आया। पुलिस की गाड़ी के पहुंचते ही महिला ने अचानक पुल से नीचे बह रही उफनती सतलुज नदी में छलांग लगा दी। यह देखकर वहां मौजूद सभी लोग घबरा गए, लेकिन पुलिस टीम ने हिम्मत नहीं हारी और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। इसी दौरान पुलिस टीम में शामिल आरक्षी (कांस्टेबल) सतपाल ने अद्भुत साहस और बहादुरी का परिचय दिया। बिना एक पल भी सोचे और अपनी जान की चिंता किए बिना उन्होंने सीधे नदी में छलांग लगा दी। सतलुज नदी का बहाव उस समय काफी तेज था और पानी भी बहुत ठंडा था, जिससे स्थिति और भी खतरनाक बन गई थी। इसके बावजूद कांस्टेबल सतपाल ने हिम्मत नहीं हारी और तेज बहाव के बीच महिला तक पहुंचने की कोशिश करते रहे। कड़ी मेहनत और संघर्ष के बाद उन्होंने महिला को पकड़ लिया। इस दौरान अन्य पुलिस कर्मियों ने भी पूरी तत्परता से उनका सहयोग किया और मिलकर महिला को सुरक्षित नदी के किनारे तक ले आए। महिला को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद तुरंत उसे उपचार के लिए रामपुर के खनेरी अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक इलाज शुरू किया। बुर्किना फासो भेजा 1000 मीट्रिक टन चावल उसकी हालत को स्थिर किया। पुलिस जांच के दौरान महिला की पहचान 44 वर्षीय अशोक कुमारी के रूप में हुई, जो कुल्लू जिले के निरमंड क्षेत्र की रहने वाली है। प्राथमिक उपचार के बाद महिला को सुरक्षित रूप से उसके परिवार के सदस्यों के हवाले कर दिया गया। फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि महिला ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सच्चाई जानने का प्रयास कर रही है। इस पूरी घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वह आम लोगों की जान बचाने के लिए भी हर समय तैयार रहती है। कांस्टेबल सतपाल और उनकी टीम ने जिस तरह अपनी जान जोखिम में




