
अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में आज शांति वार्ता होने जा रही है, जिसमें दोनों पक्ष अपने-अपने मुद्दे उठाएंगे। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इसका नेतृत्व कर रहे हैं। अमेरिकी की ओर से वेंस बातचीत के लिए पाकिस्तान पहुंच चुके हैं। उन्हें रिसीव करने आर्मी चीफ आसिम मुनीर एयरपोर्ट पहुंचे। अमेरिका-ईरान के बीच आज सुबह 8 बजे बातचीत शुरू होने वाली थी लेकिन अब यह दोपहर बाद शुरू होगी। अमेरिका के साथ शांति पर बातचीत के लिए ईरान का डेलिगेशन शुक्रवार देर रात पाकिस्तान पहुंचा। इसकी अगुआई ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ कर रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम की उम्मीद के साथ दुनिया भर की नजरें इस वार्ता पर टिकी हैं। हालांकि, अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के बीच पाकिस्तान ने भारतीय और इजरायली पत्रकारों की एंट्री पर रोक लगा दी है।
वार्ता से कुछ घंटे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को धमकी दी है। ट्रंप ने दावा किया है कि ‘ईरान के पास कोई ऑप्शन नहीं है और वो सिर्फ बातचीत के लिए जिंदा है।’ उन्होंने होर्मुज खोलने को लेकर भी बड़ा बयान दिया। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट शेयर किया है. इसमें उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर कंट्रोल करके दुनिया को जबरन वसूली का शिकार बना रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘ईरानियों को शायद ये अहसास नहीं है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों का इस्तेमाल करके दुनिया को डराने के अलावा उनके पास कोई कार्ड नहीं है। वो आज अगर जिंदा हैं, तो सिर्फ बातचीत करने के लिए।’
गालिबाफ ने इस्लामाबाद पहुंचने के बाद एक्स पर एक फोटो शेयर की। इसमें विमान की सीटों पर चार बच्चों की तस्वीरें रखी हैं, जिनके साथ उनके खून से सने स्कूल बैग और जूते रखे हैं और फूल भी रखा है। ईरानी शहर मिनाब में जंग के पहले ही दिन 28 फरवरी को एक प्राइमरी स्कूल पर हमला हुआ था, जिसमें 168 लोगों की मौत हुई थी। इनमें बच्चे और स्कूल का स्टाफ भी शामिल था। इस हमले का आरोप अमेरिका और इजराइल पर लगाया गया था। अमेरिका ने कहा कि वे इस हमले की जांच कर रहे हैं।
भारतीय और इजरायली पत्रकारों को पाकिस्तान में प्रवेश नहीं
पाकिस्तान ने एक बड़ा फैसला लेते हुए भारतीय और इजरायली पत्रकारों के देश में प्रवेश पर रोक लगा दी है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच अहम शांति वार्ता होने जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तानी अधिकारियों ने सुरक्षा और संवेदनशील हालात का हवाला देते हुए यह निर्णय लिया है। माना जा रहा है कि उच्चस्तरीय वार्ता के दौरान किसी भी तरह की सुरक्षा चूक से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है। सूत्रों के अनुसार, इस्लामाबाद में इन दिनों सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। कई इलाकों में आवाजाही सीमित है और महत्वपूर्ण स्थलों पर अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं। इस फैसले के बाद मीडिया की स्वतंत्रता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं, वहीं कुछ विशेषज्ञ इसे मौजूदा हालात में एहतियाती कदम बता रहे हैं।
ईरान की ISNA न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईरानी डेलिगेशन इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात करेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक शहबाज शरीफ और उनकी सरकार इन ईरान-अमेरिका सीजफायर बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं और बातचीत को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका अदा कर रहे हैं।






