
कोलकाता / बीरभूम : – पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रचार ने जोर पकड़ लिया है, पीएम मोदी ने आज बीरभूम में परिवर्तन की आंधी का एलान किया है। एक विशाल रैली में पीएम मोदी के मां-माटी और मानुष की हुंकार से TMC ख़ेमे में खलबली मच गई है। मोदी ने अपनी तीसरी जनसभा में मतदाताओं को आगाह किया। उनके भाषण की प्रदेश में जमकर चर्चा हो रही है। मोदी ने कहा कि रबींद्र नाथ टेगोर ऐसा समाज देखना चाहते थे जहाँ हर कोई भयमुक्त हो, लेकिन टीएमसी के गुंडाराज ने एकदम उल्टा कर दिया। ये हमेशा मां, माटी और मानुष की बात करते थें। लेकिन टीएमसी के राज में मां रो रही है। माटी पर घुसपैठियों का कब्जा हो रहा है और मानुष भयभीत है। डरा हुआ है। सहमा हुआ है। पीएम ने कहा कि यह स्थिति बदलने के लिए अब निर्णायक कदम उठाने की जरूरत है। पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल की जमीन पर घुसपैठियों का कब्जा खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी का सिंडिकेट घुसपैठियों को फर्जी सरकारी दस्तावेज दिलाने में मदद कर रहा है। उनके मुताबिक यह सिर्फ राज्य नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अगर बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है, तो घुसपैठ के खिलाफ विशेष जांच कराई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि घुसपैठियों के हर मददगार की पहचान की जाएगी, चाहे वह कितना ही ताकतवर क्यों न हो। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों को जेल भेजा जाएगा और घुसपैठियों को बाहर किया जाएगा। उन्होंने कानून-व्यवस्था पर भी जमकर सवाल उठाए, पीएम ने रामपुरहाट और मालदा की घटनाओं का जिक्र करते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं कि न्यायिक प्रक्रिया में लगे लोगों तक को डराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बंगाल के लोगों को इस डर से मुक्ति दिलाना जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने आरजी कर दुष्कर्म मामले को भी उठाया। बता दें, भाजपा ने आरजी कर मामले की पीड़िता की मां को उम्मीदवार बनाया है। उन्हें पानीहाटी विधानसभा से टिकट दिया गया है।

राष्ट्रपति के सम्मान पर TMC सरकार के रुख को लेकर भी PM ने निशाना साधा, प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति के सम्मान के मुद्दे पर भी टीएमसी को घेरते हुए कहा कि राष्ट्रपति को उचित सम्मान देना हर सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन टीएमसी सरकार ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने इसे आदिवासी समाज और महिलाओं का अपमान बताया।






