
केरल विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज होने के साथ ही शासन-प्रशासन ने भी अपनी कमर कस ली है। चुनाव आयोग के निर्देश पर स्थानीय प्रशासन चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। इसी कड़ी में कन्नूर जिले के सभी मतदान केंद्रों के अंदर और बाहर कैमरा लगाया जाएगा।
100 फीसदी वेबकास्टिंग और बूथों के बाहर कैमरे लगाने से निर्बाध और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित होगी। जिले में बूथों पर कैमरे लगाने का काम तेजी से चल रहा है। कन्नूर जिले में कुल 2177 मतदान केंद्र हैं। बूथ के बाहर लगे कैमरे के जरिए मतदाताओं की लंबी कतारों की सटीक निगरानी की जा सकेगी।
वेबकास्टिंग की वास्तविक समय में निगरानी के लिए दो स्तरों पर एक प्रणाली स्थापित की गई है। कन्नूर कलेक्ट्रेट में जिलास्तरीय नियंत्रण कक्ष कार्यरत रहेगा। वहीं प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर की देखरेख में एक अन्य नियंत्रण कक्ष भी कार्यरत रहेगा। निर्वाचन क्षेत्र स्तरीय नियंत्रण कक्ष में चुनाव पर्यवेक्षकों का दौरा भी किया जाएगा।
वेबकास्टिंग अनुभाग के कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण भी तैयार किया गया है। कन्नूर जिले में मतदान की पूरी फुटेज हार्ड डिस्क पर रिकॉर्ड की जाएगी और बाद में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंप दी जाएगी। केरल में त्रिकोणीय मुकाबला है, जिसमें एलडीएफ, यूडीएफ और एनडीए आमने-सामने हैं। माकपा के नेतृत्व वाले एलडीएफ के सामने सत्ता को बरकरार रखने की चुनौती है, जबकि कांग्रेस नीत यूडीएफ वापसी की कोशिश में है। भाजपा नीत एनडीए को बड़ी सफलता की उम्मीद है।
केरल में भाजपा का प्रमुख गठबंधन सहयोगी बीडीजेएस है। क्षेत्रीय पार्टी ट्वेंटी-20 भी एनडीए का हिस्सा बन चुकी है। लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी), शिवसेना और कॉनराड संगमा के नेतृत्व वाली नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) जैसे दल भी एनडीए का हिस्सा हैं।
केरल विधानसभा के 140 सदस्यों के चुनाव के लिए 9 अप्रैल को होने वाले हैं। चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। इस बार केरल विधानसभा चुनाव में कुल 890 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। भारतीय निर्वाचन आयोग की ओर से प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची के अनुसार, केरल चुनाव में 2.71 करोड़ मतदाता अपना वोट डालने के पात्र हैं।







