
नई दिल्ली/चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर इन दिनों जबरदस्त सियासी घमासान देखने को मिल रहा है। राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा ने अपनी ही पार्टी पर सवाल खड़े किए, तो जवाब में पार्टी के बड़े नेताओं ने भी उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राघव चड्ढा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे “कम्प्रोमाइज्ड” हो चुके हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चड्ढा गंभीर मुद्दों को छोड़कर “समोसे-पिज्जा” जैसे मुद्दे उठाते है
मान ने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से नाम काटने का मामला हो या गुजरात में कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी—इन अहम मुद्दों पर राघव चड्ढा ने आवाज नहीं उठाई। इतना ही नहीं, वॉकआउट के दौरान अपनी सीट पर बैठे रहना भी पार्टी व्हिप का उल्लंघन है।
वहीं दिल्ली की नेता आतिशी ने भी राघव चड्ढा को घेरते हुए पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाने पर सवाल उठाए। साफ है कि AAP के अंदरूनी मतभेद अब खुलकर सामने आ चुके हैं, जिससे पार्टी की एकजुटता पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।




