
रायपुर : हिंदी साहित्य को नई पहचान देने वाले छत्तीसगढ़ के दिग्गज साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल का आज बुधवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। रायपुर के मारवाड़ी श्मशान घाट में बेटे शाश्वत ने उन्हें मुखाग्नि दी, जबकि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पार्थिव शरीर को कांधा देकर भावभीनी विदाई दी गई।

विनोद कुमार के अंतिम यात्रा में कवि कुमार विश्वास सहित कई साहित्यकार, राजनेता और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी हस्तियां मौजूद रहीं। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम नमन किया गया।

मंगलवार शाम विनोद कुमार का 88 वर्ष की आयु में निधन हुआ था। कुछ समय से वे अस्वस्थ चल रहे थे और एम्स रायपुर में उनका इलाज चल रहा था। हाल ही में उन्हें हिंदी साहित्य के सर्वोच्च सम्मान ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि साहित्य जगत ने एक महान लेखक को खो दिया है।

उनके निवास पर सुबह से ही लोगों का श्रद्धांजलि देने का सिलसिला जारी रहा। रायपुर कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त सहित कई प्रशासनिक अधिकारी तथा साहित्य जगत की जानी-मानी हस्तियां श्रद्धांजलि देने पहुंचीं। मुख्यमंत्री साय ने भी उनके निवास पर पहुंचकर अंतिम दर्शन किए, पुष्पचक्र अर्पित किया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। राज्य सरकार की ओर से उन्हें पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।






