
नई दिल्ली : भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करते हुए सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया ने एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने महिला सैन्य अधिकारियों को दिए गए परमानेंट कमीशन (PC) को पूरी तरह वैध ठहराते हुए साफ कर दिया, कि इस व्यवस्था में अब कोई बदलाव या हस्तक्षेप नहीं होगा।अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जिन महिला अधिकारियों को पहले ही परमानेंट कमीशन मिल चुका है, उनका अधिकार सुरक्षित रहेगा और इसे किसी भी हाल में वापस नहीं लिया जा सकता।

इसके साथ ही कोर्ट ने शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) के तहत काम करने वाली महिला अधिकारियों को बड़ी राहत दी है। जिन अफसरों को कानूनी प्रक्रिया के दौरान सेवा से हटाया गया था, उन्हें 20 साल की सेवा पूरी कर चुका माना जाएगा। इसका सीधा फायदा यह होगा कि वे अब पेंशन पाने की हकदार होंगी।हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इन अधिकारियों को पेंशन तो मिलेगी, लेकिन उन्हें किसी प्रकार के बकाया वेतन (arrears) का लाभ नहीं दिया जाएगा।यह फैसला भारतीय सेना में लैंगिक समानता को मजबूती देने वाला माना जा रहा है, जिससे महिला अधिकारियों के अधिकार और सेवा शर्तें पहले से ज्यादा सुरक्षित और स्पष्ट हो गई हैं।




