
रायपुर : छत्तीसगढ़ में “भारतीय नशा पार्टी” का रील मेकिंग इवेंट से आम जनता हैरत में है| शराब के नशे के हिमायती नेताओं का अफीम की खेती के खिलाफ धरना प्रदर्शन इन दिनों राज्य के लोगों की जुबान पर है| विधानसभा घेराव के नाम पर नशे के खिलाफ सड़कों पर उतरे चर्चित नेताओं की कलाकारी देख कर जनता कभी रायपुर के कलेक्टर कार्यालय को कोस रही है,तो कभी कांग्रेस के उन नेताओं की “रील” देख कर लाल-पीली हो रही है,जिन्होंने विधानसभा घेराव कार्यक्रम को “रील मेकिंग इवेंट” में तब्दील कर दिया था|सोशल मीडिया में इस प्रदर्शन की ‘रील सेट’ होने के बाद काफी तीखी प्रतिक्रिया सामने आ रही है| बीजेपी जहाँ कांग्रेस पर चुटकी ले रही है,वही जनता की आँखों में ऐसे नेता किरकिरी बने हुए है,जिन्होंने कांग्रेस राज के पूरे 5 बरस नशे की सौदेबाज़ी में गुजार दिए थे|

खेल-कूद से जुड़े कई क्रियाकलापों को आपने ने बड़े करीब से देखा होगा ?लेकिन हम आज आपको दिखा रहे है,कांग्रेस की “टिनशीट” मार प्रतियोगिता के नज़ारे को| इस घमासान को देख कर आप भी हैरानी जताएंगे की,आखिर ऐसी कौन सी प्रतियोगिता है ? दरअसल, राजनैतिक मैदान के रेफरी तस्दीक करते है,कि “टिनशीट” मार एक ऐसी स्टंटबाजी है,जिसका उपयोग धरना प्रदर्शन के दौरान नेता अक्सर रील बनाने के कार्य पर ज़ोर देते है| उनकी जोर आजमाईश से धरना प्रदर्शन “रील मेकिंग इवेंट” में सिमट कर रह जाता है| इस कार्य से अस्तित्व में आई “रील” सोशल मीडिया में सेट होती है,इससे नेतागिरी की दुकान चमकाने में जरुरतमंद नेताओं को लोकप्रियता काफी सस्ते में मिल जाती है| इस कड़ी में रायपुर में आयोजित कांग्रेस का विधानसभा घेराव सुर्ख़ियों में है|ज़रा आप भी इस स्टटंबाजी पर गौर फरमाये|

धरना प्रदर्शन के दौरान का ये नजारा उस वक्त का है,जब कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव सड़क पर अपना शक्ति प्रदर्शन कर रहे थे| उन्होंने ऐसा जौहर दिखाया,कि पुलिस कर्मी देखते ही रह गए| उन्हें काबू में करने में जुटे पुलिसकर्मियों के हाथ उस समय ढीले पड़ गए जब बड़ी मजबूती के साथ पुलिसकर्मियों का सामना विधायक जी के हाथ नहीं बल्कि,हथोड़े से हुआ| विधायक देवेंद्र यादव ने ख़ुद को संभालते हुए ऐसा हुनर दिखाया,कि वो सीधे “टिनशीट” से जा भिड़े| उनके अप्रत्याशित साहस को देख कर जहाँ पुलिसकर्मियों के पैरों तले ज़मीन खिसक गई,वही विधायक यादव ने “टिनशीट” से लोहा लेने में कोई कसर बाकि नहीं छोड़ी| उनका ये कांग्रेस की प्रदर्शन फेहरिस्त काबिले तारीफ़ बताई जाती है|

इस मुकाबले की अगली कड़ी भी काफी रोमांचक और निराली है| प्रदर्शन स्थल में कंधे रूपी “रथ” पर सवार, माफ़ कीजियेगा ! कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के “कंधे” पर सवार पूर्व विधायक विकास उपाध्याय की बानगी भी कम दिलचस्प नजर नहीं आई| वो भी इस मुकाबले में अपने कड़े “तेवरों “ के साथ कलाबाज़ी दिखाते नज़र आए| एक ओर उनके समर्थक मोबाइल कैमरे से वीडियो बना रहे थे, तो दूसरी ओर उपाध्याय जी स्टंटबाजी चल रही थी,उन्होंने भी पुलिसकर्मियों को गच्चा देकर “टिनशीट” से दो-दो हाथ करने में काफी जोर लगाया| पूर्व MLA उपाध्याय को कंधे में उठाकर उनके कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन स्थल की सैर कराते हुए सीधे निशाने पर अर्थात “टिनशीट” के सामने पेश कर दिया| फिर क्या था ? विकास उपाध्याय ने भी अपने फ़ौलादी हाथों से “टिनशीट” पर कई वार किए| उनकी भी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है |

विधानसभा घेराव रीलबाजी कार्यक्रम में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज भी पुलिस पर भारी पड़े| उन्होंने ने भी कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के कंधे की सवारी की| उनकी भी रील बनाने के लिए कई लोग जुटे| बताया जाता है,कि दीपक बैज के कुशल नेतृत्व में ही विधानसभा घेराव मुकाबले का आगाज़ किया गया था | ऐसे में वे भी “टिनशीट” से टकराने के मामले में कहाँ पीछे रहने वाले थे ? लिहाज़ा,उन्होंने भी बज-बजा रही “टिनशीट” को ठोकने-पीटने में अपनी पूरी ताकत झोंक दी| रायपुर की कई सड़कों पर गुरुवार को घंटो जाम की स्थिति बनी रही | शंकर नगर, तेलीबांधा,सिविल लाइन समेत कई इलाकों में आवाजाही को लेकर लोग सड़को पर दो-चार होते रहे| इस प्रदर्शन के चलते उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ी| जबकि,कार्यक्रम रीलबाजी के मुकाबले के मामले में कोहराम मचा रहा था| इस दौरान यातायात और उचित मार्ग में आवाजाही के लिए पीड़ित आम जनता नए-नए रास्ते तलाशती रही|

लेकिन,कांग्रेस को पीड़ित जनता के हितों और परेशान से कोई वास्ता नहीं रहा,उसके नेताओं को भी जनता की पीड़ा का समाधान नहीं सूझा | रायपुर शहर के बीचो-बीच आयोजित इस तरह के प्रदर्शन से दिन भर आम जनता भरी गर्मी में “लाल-पीली” होते रही | दिलचस्प बात यह भी है,कि इस प्रदर्शन के दौरान मीडिया में बने रहने के लिए ज्यादतर कांग्रेसी नेताओं के बीच अपना खुद का चेहरा चमकाने की होड़ मची रही | यही नहीं,कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं ने भी रील,वीडियो और तस्वीरें खींचने में काफी जोर दिया| जबकि ये कोई “टिनशीट” पीटने का मुकाबला नहीं था,बल्कि बीजेपी के खिलाफ कांग्रेस का जमीनी प्रदर्शन| नशे के खिलाफ पार्टी ने प्रदर्शन का आह्वान किया था,जिसके तहत विधानसभा के घेराव के लिए रणनीति तैयार की गई थी|

हालाँकि,नवा रायपुर के तुता धरना स्थल में इस तरह का प्रदर्शन करने बजाये,कांग्रेस ने विधानसभा से लगभग 25 किलोमीटर दूर शहर के बीचो-बीच इस प्रदर्शन को आयोजित किया| ये प्रदर्शन अब पार्टी के गले फ़ांस बन गया है| यह प्रदर्शन जनता को परेशान करने का सबब बनने से कांग्रेस की आलोचना हो रही है | यही नहीं ऐसे प्रदर्शन की अनुमति देने पर रायपुर जिला प्रशासन भी सवालों के घेरे में है| रायपुर में इस प्रदर्शन की गूंज अभी तक सुनाई दे रही है | रायपुर जिला प्रशासन की ऐसे प्रदर्शन के लिए दी गई अनुमति पर कई लोग सवालियां निशान लगा रहे है | उनके मुताबिक,जब बूढ़ा तालाब स्थित प्रदर्शन स्थलों पर भीड़ की वजह से अनुमति नहीं दी जाती| तब शंकर नगर जैसे व्यस्त इलाके में विधानसभा घेराव की अनुमति देना कहाँ तक जायज़ है ? इसे लेकर सवाल किया जा रहा है,जनता प्रशासन से यह भी सवाल कर रही है,कि आम आंदोलनकारियों को नवा रायपुर के तुता धरना स्थल पर ही प्रदर्शन के लिए बाध्य किया जाता है,तो कांग्रेस पर इस तरह की मेहरबानी क्यों ? यही नहीं कांग्रेस ने नवा रायपुर स्थित तुता प्रदर्शन स्थल से परहेज़ क्यों बरता ? विधानसभा से 25 किलोमीटर दूर शंकर नगर में इस प्रदर्शन को अंजाम देने का मकसद क्या था ? आखिर क्यों शहर को ऐसे प्रदर्शन के लिए कांग्रेस ने मुनासिफ समझा,इसे लेकर भी माथापच्ची हो रही है|

लोग यह भी सवाल कर रहे है,कि क्या सोशल मीडिया में स्टंटबाजी और सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए कांग्रेस ने शहर में प्रदर्शन किया था | कांग्रेस का विधानसभा घेराव का प्रदर्शन तो समाप्त हुए दो दिन बीत गए लेकिन इसकी चर्चा अभी भी बनी हुई है,कांग्रेस का ये प्रदर्शन अपने पीछे कई सवाल छोड़ गया है | शहर में ऐसे प्रदर्शन की अनुमति क्यों ? इसका जवाब ना तो प्रशासन दे रहा है और ना ही कांग्रेस की प्रदर्शन मंडली| फ़िलहाल,सोशल मीडिया में कांग्रेस का प्रदर्शन “एक तमाशा” करार दिया जा रहा है | सोशल मीडिया में वीडियो देख कर लोग अंदाज़ा लगा रहे है,कि ये विधानसभा का घेराव नहीं बल्कि रील बनाने का इवेंट है |
रायपुर में कांग्रेस के ‘टिनशीट स्टार’ नेताओं का “प्रदर्शन कम, परफॉर्मेंस ज्यादा ! सियासत या सोशल मीडिया शो? मुश्किल में जनता,चर्चा में नेता जी…







