
रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी में बन रहे 313 करोड़ रुपये की लागत वाले एक्सप्रेस-वे निर्माण में गंभीर अनियमितता सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, निर्माण के दौरान कंक्रीट का स्लैब जरूरी लोहे के सरिया और निर्धारित कवर के बिना ही डाल दिया गया। तकनीकी मानकों के अनुसार स्लैब में 75 एमएम कवर होना चाहिए था, लेकिन यह प्रक्रिया पूरी किए बिना ही ढलाई कर दी गई।निर्माण के समय संबंधित अधिकारियों द्वारा इसकी सही तरीके से जांच नहीं की गई। लगातार कंपन और ट्रैफिक के दबाव के कारण स्लैब में दरारें पड़ गईं और शुक्रवार सुबह इसका एक हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिर गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। हालांकि उस समय नीचे से कोई व्यक्ति नहीं गुजर रहा था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

जांच के लिए पहुंची टीम ने जब गिरे हुए स्लैब का निरीक्षण किया तो चौंकाने वाली बात सामने आई। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि स्लैब के अंदर जरूरी मात्रा में लोहे का सरिया नहीं लगाया गया था। विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी ब्रिज या फ्लाईओवर के स्लैब में मजबूत लोहे का जाल लगाया जाता है, ताकि वह भारी ट्रैफिक और कंपन को सहन कर सके, लेकिन इस निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई।

सूत्रों का कहना है, कि तेलीबांधा ओवरब्रिज के कई हिस्सों में भी ढीले और कमजोर हिस्से पाए गए हैं, जिनकी मरम्मत जल्द जरूरी है। इससे पहले 11 अगस्त 2019 को भी इसी ओवरब्रिज का एक हिस्सा धंस गया था। उस समय जांच के बाद कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई की गई थी और इसके बाद एक्सप्रेस-वे का निर्माण दोबारा शुरू किया गया था। लगभग चार साल बाद फिर से यहां गड़बड़ी सामने आने से पूरे प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।ओवरब्रिज के नीचे स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत लगाई गई फॉल सिलिंग भी जर्जर हालत में पहुंच गई है। कई पैनल ढीले होकर नीचे लटक रहे हैं, जिससे कभी भी गिरने का खतरा बना हुआ है। रोज बड़ी संख्या में लोग और वाहन यहां से गुजरते हैं, लेकिन रखरखाव की जिम्मेदारी स्पष्ट नहीं होने के कारण मरम्मत नहीं हो पा रही है।

यह एक्सप्रेस-वे शहर के कई प्रमुख इलाकों को जोड़ता है। रायपुर स्टेशन से शदाणी दरबार तक पहुंचने के लिए पहले लोगों को केनाल रोड, लालपुर, डूमरतराई या शास्त्री चौक, कालीबाड़ी चौक और पचपेड़ी नाका होते हुए जाना पड़ता था। अब एक्सप्रेस-वे बनने से फाफाडीह, देवेंद्र नगर, पंडरी, शंकर नगर और तेलीबांधा के लोगों को एयरपोर्ट और एनएच-30 से अभनपुर की ओर जाने में सुविधा मिल रही है। इस मार्ग से रोजाना करीब 1.15 लाख लोग आवाजाही करते हैं।मामले को गंभीरता से लेते हुए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के ईएनसी ने जांच के आदेश दे दिए हैं। रविवार को ब्रिज विभाग के चीफ इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, एसडीओ और सब इंजीनियर की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। अधिकारियों द्वारा सोमवार को जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।







