
मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में आज रंग पंचमी का त्योहार जबरदस्त उत्साह और पारंपरिक जोश के साथ मनाया जा रहा है। होली के समापन का प्रतीक माने जाने वाले इस पर्व पर सड़कों पर रंगों की बरसात, ढोल-ताशों की गूंज और लाखों लोगों की भीड़ देखने को मिल रही है। मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित होने वाली ऐतिहासिक ‘गेर’ इस बार भी उत्सव का मुख्य आकर्षण बनी हुई है

राजवाड़ा क्षेत्र में निकलने वाले भव्य चल समारोह में गुलाल उड़ाने वाली मशीनों और पिचकारियों से सतरंगी रंगों की बारिश की जा रही है। पारंपरिक बैंड, ढोल-ताशों और झांकियों के बीच हजारों लोग नाचते-गाते रंगों में सराबोर नजर आए।राजधानी भोपाल में भी रंग पंचमी की धूम दिखाई दे रही है। पुराने भोपाल से लेकर नए शहर तक विभिन्न स्थानों पर जुलूस और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां लोग एक-दूसरे को गुलाल लगाकर त्योहार की खुशियां बांट रहे हैं।वहीं अशोकनगर जिले में स्थित प्रसिद्ध करीला माता मंदिर में रंग पंचमी के अवसर पर विशाल मेले का आयोजन हुआ है। यहां लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

प्रदेश का यह मेला आस्था और परंपरा का बड़ा केंद्र माना जाता है।रंग पंचमी की परंपरा का इतिहास होल्कर काल से जुड़ा माना जाता है। इंदौर में होल्कर राजवंश के समय से ‘गेर’ निकालने की परंपरा चली आ रही है, जिसे आज भी प्रशासन और स्थानीय लोग मिलकर भव्य रूप में निभाते हैं।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रंग पंचमी के पावन अवसर पर उज्जैन में आयोजित ‘श्रीकृष्ण सुदामा रंग उत्सव’ और पारंपरिक गेर में शामिल होकर प्रदेशवासियों को रंगों के इस पर्व की शुभकामनाएं दीं।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता पर आधारित इस सांस्कृतिक उत्सव में भाग लिया और पारंपरिक गेर में शामिल होकर जनता के साथ रंगों की खुशियां साझा कीं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने गुलाल उड़ाकर और ढोल-ताशों की धुन पर नृत्य करते हुए रंग पंचमी का उत्सव मनाया।

महाराष्ट्र के नासिक में रंग पंचमी पर ढोल-ताशा रैलियों और पारंपरिक नृत्य के साथ गुलाल उड़ाया जा रहा है। वहीं मुंबई, पुणे और अन्य शहरों में लोग एक-दूसरे को रंग लगाकर त्योहार की खुशियां मना रहे हैं। कई जगहों पर पारंपरिक व्यंजन पुरनपोली बांटकर भी उत्सव का आनंद लिया जा रहा है।कुल मिलाकर मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में रंग पंचमी का त्योहार सामूहिक एकता, भाईचारे और रंगों की मस्ती के साथ एक अनूठा सांस्कृतिक माहौल पेश कर रहा है।






