
नई दिल्ली : कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney 2 मार्च तक भारत दौरे पर हैं। आज सोमवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री Narendra Modi से हुई। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई अहम घोषणाएँ कीं। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि नागरिक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक यूरेनियम आपूर्ति को लेकर ऐतिहासिक समझौता हुआ है। साथ ही छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर और उन्नत परमाणु तकनीक पर संयुक्त रूप से काम करने पर सहमति बनी है।
दोनों देशों ने आपसी व्यापार को 50 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए भारत-कनाडा ‘पल्स प्रोटीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित किया जाएगा। रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने के लिए ‘भारत-कनाडा रक्षा संवाद’ शुरू करने का निर्णय लिया गया है। समुद्री सुरक्षा, सैन्य आदान-प्रदान और रक्षा उद्योगों में साझेदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
ऊर्जा क्षेत्र में हाइड्रोकार्बन के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और ऊर्जा भंडारण पर विशेष फोकस रहेगा। कनाडा ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और ग्लोबल बायोफ्यूल एलायंस से जुड़ने का फैसला किया है। इसी कड़ी में इस वर्ष ‘भारत-कनाडा नवीकरणीय ऊर्जा एवं भंडारण शिखर सम्मेलन’ आयोजित किया जाएगा। तकनीकी सहयोग के तहत AI, क्वांटम, सुपरकंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर्स में संयुक्त पहल को आगे बढ़ाया जाएगा। क्रिटिकल मिनरल्स पर हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन सप्लाई चेन को अधिक मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत का रुख शांति और कूटनीति के पक्ष में स्पष्ट है। पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने संवाद के जरिए समाधान का समर्थन दोहराया और क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता बताया।




