
रायपुर : छत्तीसगढ़ की चर्चित घोटालों की महारानी सौम्या चौरसिया की होली जेल के भीतर मनेगी या बाहर? इसे लेकर गहमा-गहमी तेज़ है | जनता की निगाहें राज्य की बीजेपी सरकार की मंशा और कानूनी दलीलों पर टिकी हुई है| दरअसल,छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 20 फरवरी से पूर्व, राज्य सरकार से जवाब मांगा है| मामला आरोपी सौम्या चौरसिया की जमानत याचिका से जुड़ा है| छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री बघेल की उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया की होली इस बार भी जेल मनेगी या फिर वो ज़मानत पर छूट जाएगी ? इस मुद्दे पर राजनैतिक गलियारों से लेकर प्रशासनिक हलकों में गहमा-गहमी तेज़ है|

दरअसल,आरोपी सौम्या की ज़मानत से जुड़े प्रकरण में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने ईडी और राज्य सरकार से 20 फरवरी से पहले शपथ पत्र के साथ जवाब पेश करने का निर्देश दिया है। इस मामले में ईडी और राज्य शासन ने जवाब देने के लिए 10 दिन का समय मांगा था, लेकिन हाईकोर्ट ने इसे मंजूर नहीं किया| जानकारी के मुताबिक,हाईकोर्ट में सौम्या चौरसिया की ओर से शराब घोटाला मामले में दो जमानत याचिकाएं दायर की गई हैं। कोर्ट ने साफ़ किया,कि जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने दो सप्ताह के भीतर फैसला लेने को कहा है, ऐसे में ज्यादा समय देना उसके आदेश का उल्लंघन होगा।

गौरतलब है, कि सौम्या चौरसिया को पहले कोयला घोटाले में गिरफ्तार किया गया था। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद सुप्रीम कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई थी। इसके बाद ईडी और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने आबकारी घोटाले में उन्हें फिर से गिरफ्तार कर लिया था | कांग्रेस राज में सौम्या के किस्से कहानियां आम थे,इसमें घोटालों से लेकर आपराधिक कुकृत्य सुर्ख़ियों में रहे है| पूर्व मुख्यमंत्री बघेल और उनकी टोली सौम्या को जेल से बाहर निकालने के लिए एड़ी चोटी का ज़ोर लगा रही है| इसके लिए क़ानूनी दांव पेचों को आज़माया जा रहा है|

सूत्र तस्दीक करते है,कि बीजेपी सरकार में “चलनशील” अफसरों को साधने के भरपूर प्रयास किए गए है,ताकि सौम्या की जमानत का विरोध कमज़ोर किया जा सके| हालांकि,राज्य सरकार और एजेंसियां अदालत में अपना पक्ष रखने के लिए जोर-शोर से जुटी हुई है | देश के सर्वाधिक महंगे वकीलों का “कारवां” भी सौम्या चौरसिया की जमानत को लेकर सक्रिय दिखाई दे रहा है | उसने राज्य सरकार के अरमानों पर पानी फेरने के लिए अपनी पूरी ताक़त झोक दी है |

सौम्या ने जमानत के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों में जमानत याचिका दायर की थी| छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पूर्व में उनकी ज़मानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद आरोपी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था| इसी माह 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी को दोबारा हाईकोर्ट में याचिका दायर करने का निर्देश दिया था| शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट से यह भी कहा था कि उनकी अर्जी पर प्राथमिकता से सुनवाई की जाए।

सुनवाई के दौरान आरोपी निलंबित तत्कालीन उप सचिव सौम्या की ओर से दावा किया गया था,कि जांच एजेंसियां बार-बार नई एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर रही हैं। अब तक उन्हें छह बार हिरासत में लिया जा चुका है| उसने इसे राजनीतिक साजिश बताया था |जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में जस्टिस अरविंद वर्मा की बेंच में मामले की अगली सुनवाई 20 फरवरी को होगी, इससे पूर्व ईडी और राज्य शासन को अपना जवाब दाखिल करना होगा। देखना गौरतलब होगा,कि सौम्या को बेल या फिर जेल ?
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