
Prayagraj Magh Mela 2026 : संगम की रेती पर सजे विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक समागम ‘माघ मेला 2026’ का आज 44वां और अंतिम दिन है. महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर त्रिवेणी संगम के तट पर आस्था का समंदर उमड़ पड़ा है. ब्रह्म मुहूर्त से ही लाखों श्रद्धालु ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष के साथ गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम में डुबकी लगा रहे हैं. ग्रहों और नक्षत्रों के अद्भुत संयोग ने इस अंतिम स्नान पर्व को अनंत फलदायी बना दिया है.
प्रयागराज: संगम पर अनोखे शिवभक्त और मेले का समापन
माघ मेले के अंतिम स्नान पर्व पर त्रिवेणी संगम का नजारा अद्भुत है. यहां देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालु डुबकी लगाकर पुण्य कमा रहे हैं. संगम तट पर गाजीपुर के रहने वाले सरकारी सेवक लक्ष्मण सिंह आकर्षण का केंद्र रहे, जो हाथों में डफली और गले में रुद्राक्ष माला पहनकर भोजपुरी और हिंदी भजनों से शिव की महिमा गा रहे थे. इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र लक्ष्मण सिंह ने योगी सरकार की व्यवस्थाओं की जमकर सराहना की. संगम स्नान के बाद श्रद्धालु यहाँ से गंगाजल भरकर शिवालयों की ओर प्रस्थान कर रहे हैं.
अयोध्या: नागेश्वर नाथ में गूंजा जयकारा, निकलेगी भव्य शिव बारात
मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या आज पूरी तरह शिवभक्ति में लीन है. तड़के 3:00 बजे से ही भगवान राम के पुत्र कुश द्वारा स्थापित सिद्धपीठ नागेश्वर नाथ मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए गए. श्रद्धालु सरयू नदी में पवित्र स्नान के बाद सीधे मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक कर रहे हैं. वहीं, एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी की देखरेख में पूरी रामनगरी को जोन और सेक्टर में बांटकर अभेद्य सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है. आज शाम रामनगरी में भगवान भोलेनाथ की भव्य शिव बारात निकाली जाएगी, जो नगर भ्रमण के बाद वापस नागेश्वर नाथ पहुंचेगी, जहां माता पार्वती और शिव का पाणिग्रहण संस्कार संपन्न होगा.







