
नई दिल्ली : कक्षा 12 की कॉपियों की जांच को लेकर सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने एक अहम फैसला लिया है। बोर्ड ने 12वीं कक्षा के लिए एक बार फिर ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम लागू करने का निर्णय किया है। इसके तहत अब छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं डिजिटल माध्यम से जांची जाएंगी। CBSE का कहना है कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग को दोबारा शुरू करने का उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रिया को ज्यादा तेज़, पारदर्शी और सटीक बनाना है। इस फैसले को लेकर बोर्ड ने एक सर्कुलर जारी कर सभी संबद्ध स्कूलों के प्रिंसिपल और प्रमुखों को जानकारी दी है। सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि 2026 से कक्षा 12 की आंसर शीट का मूल्यांकन डिजिटल सिस्टम से किया जाएगा, जबकि फिलहाल कक्षा 10 की कॉपियों की जांच पारंपरिक यानी फिजिकल मोड में ही जारी रहेगी।
ऑन-स्क्रीन मार्किंग एक ऐसा डिजिटल सिस्टम है, जिसमें छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर शिक्षकों के कंप्यूटर स्क्रीन पर उपलब्ध कराया जाता है। शिक्षक स्क्रीन पर ही उत्तर जांचते हैं और सॉफ्टवेयर के जरिए अंकों की गणना अपने आप हो जाती है।CBSE के अनुसार, इस व्यवस्था से कई फायदे होंगे। इससे अंकों की टोटलिंग में होने वाली गलतियां खत्म होंगी, मैनुअल हस्तक्षेप कम होगा और शिक्षकों की अधिक भागीदारी के चलते मूल्यांकन प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा तेज़ हो सकेगी। उधर, CBSE की ओर से कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। बोर्ड भारत समेत विदेश के 26 देशों में स्थित अपने 31 हजार से ज्यादा स्कूलों के छात्रों के लिए 17 फरवरी से 10 अप्रैल तक परीक्षाओं का आयोजन करेगा। इन परीक्षाओं के लिए देश-विदेश में 8,074 से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां करीब 46 लाख छात्र परीक्षा में शामिल होंगे।छात्रों को सलाह दी गई है कि परीक्षा और अन्य जरूरी सूचनाओं के लिए CBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से नजर बनाए रखें।






