
नेशनल डेस्क: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि समान नागरिक संहिता (UCC) का निर्माण सभी को विश्वास में लेकर किया जाना चाहिए और इससे मतभेद नहीं पैदा होने चाहिए। यह पूछे जाने पर कि क्या आरएसएस के लिए “अच्चे दिन” भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता में आने के बाद आए, भागवत ने कहा कि मामला “इसके विपरीत” था। उन्होंने कहा कि संघ अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के प्रति प्रतिबद्ध रहा और उसका समर्थन करने वालों को इसका फायदा मिला।
हिंदुत्व विचारक वीडी सावरकर को ‘भारत रत्न’ से अलंकृत किए जाने की लंबे समय से जारी मांग पर भागवत ने कहा कि अगर उन्हें (सावरकर को) यह सम्मान प्रदान किया जाता है, तो इसकी प्रतिष्ठा और बढ़ जाएगी। भागवत आरएसएस के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बोल रहे थे। इस कार्यक्रम में रवीना टंडन, विकी कौशल, अनन्या पांडे, करण जौहर, मधुर भंडारकर, रमेश तौरानी और पंडित हृदयनाथ मंगेशकर सहित कई दिग्गज फिल्मी हस्तियां मौजूद थीं।
भागवत ने कहा कि यूसीसी का निर्माण सभी को विश्वास में लेकर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “इससे मतभेद नहीं पैदा होने चाहिए। उत्तराखंड में तीन लाख सुझाव हासिल हुए और सभी हितधारकों से चर्चा के बाद अधिनियम पारित किया गया।” एक अन्य सवाल के जवाब में संघ प्रमुख ने कहा कि कोई बहुसंख्यक या अल्पसंख्यक (समुदाय) नहीं है, “हम सब एक ही समाज हैं।” उन्होंने मुस्लिम और ईसाई समुदाय के लोगों के साथ विश्वास, मित्रता और संवाद कायम करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
भागवत ने कहा, “इस्लाम को शांति का धर्म कहा जाता है, लेकिन शांति दिखाई नहीं देती। अगर धर्म में आध्यात्मिकता न हो, तो वह प्रभुत्वशाली और आक्रामक हो जाता है। आज इस्लाम और ईसाई धर्म में जो कुछ देखा जा रहा है, वह ईसा मसीह और पैगंबर मोहम्मद की शिक्षाओं के अनुसार नहीं है। हमें वास्तविक इस्लाम और ईसाई धर्म के अनुसरण की आवश्यकता है।” भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए अंतरिम व्यापार समझौते के बारे में भागवत ने कहा कि उन्हें इसकी विस्तृत जानकारी नहीं है।
उन्होंने कहा, “यह सच है कि हम अलग-थलग नहीं रह सकते। सौदों में लेन-देन होता है। यह दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद होना चाहिए हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमें नुकसान न हो।” अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच एक व्यापार समझौते पर सहमति कायम हो गई है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, “अब भारत में निर्मित उत्पादों पर ‘टैरिफ’ घटकर 18 प्रतिशत हो जाएगा।” भागवत ने एक सवाल के जवाब में कहा, “हमारे (RSS) लिए अच्छे दिन भाजपा की वजह से नहीं आए बल्कि मामला इसके विपरीत था।




