
नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 पेश करते हुए इनकम टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव करने का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू किया जाएगा, जो मौजूदा इनकम टैक्स एक्ट 1961 की जगह लेगा। सरकार का उद्देश्य टैक्स व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और टैक्सपेयर्स के लिए ज्यादा सुविधाजनक बनाना है।

नए इनकम टैक्स एक्ट के प्रमुख बदलाव–
- ITR रिवाइज करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है, हालांकि इसके लिए मामूली शुल्क देना होगा।
- ITR-1 और ITR-2 फाइल करने की डेडलाइन 31 जुलाई ही रहेगी, इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
- विदेश यात्रा (ओवरसीज टूर पैकेज) पर TCS घटाकर 2% कर दिया गया है, जो पहले 5% से 20% तक था।
- छोटे टैक्सपेयर्स के लिए 6 महीने की फॉरेन एसेट डिस्क्लोजर स्कीम लाई जाएगी, जिससे विदेशी संपत्तियों की जानकारी देने का मौका मिलेगा।

- नॉन-रेजिडेंट्स द्वारा प्रॉपर्टी बिक्री पर TDS लागू किया जाएगा।
- इनकम मिसरिपोर्टिंग पर अब टैक्स राशि के बराबर (100%) पेनल्टी लगेगी, यानी नियम और सख्त होंगे।
- सड़क हादसे में घायलों के इलाज पर होने वाला खर्च पूरी तरह टैक्स फ्री रहेगा।
- सरकार ने FY27 में फिस्कल डेफिसिट को GDP के 4.3% तक लाने का लक्ष्य रखा है।
- FY26 में फिस्कल डेफिसिट 4.4% रहने का अनुमान है।
- डेब्ट-टू-GDP रेशियो FY27 में घटकर 55.6% रहने की उम्मीद है।
- ग्रॉस मार्केट बॉरोइंग 17.2 लाख करोड़ और नेट बॉरोइंग 11.7 लाख करोड़ रहने का अनुमान जताया गया है।
वित्त मंत्री ने साफ किया कि नया इनकम टैक्स कानून न केवल नियमों को आसान बनाएगा, बल्कि टैक्सपेयर्स का अनुपालन बोझ भी कम करेगा।




