
नेशनल डेस्क : महाराष्ट्र की राजनीति को बुधवार सुबह एक बड़ा झटका लगा। राज्य के उपमुख्यमंत्री और NCP नेता अजित पवार का विमान लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया और उनका निधन हो गया। यह खबर पूरे देश को स्तब्ध कर गई। उनके निधन से न केवल उनके राजनीतिक योगदान की यादें ताजा हुईं, बल्कि लोग यह जानने में भी रुचि ले रहे हैं कि अजित पवार का जीवन और करियर कैसे विकसित हुआ।
प्रारंभिक जीवन और पढ़ाई
अजित पवार का जन्म एक सामान्य किसान परिवार में हुआ था। वे NCP संस्थापक शरद पवार के भतीजे थे, लेकिन राजनीति में उनकी पहचान केवल पारिवारिक नाम तक सीमित नहीं रही। उनकी शिक्षा बारामती में हुई। उन्होंने 1973-74 में महाराष्ट्र एजुकेशन सेकेंडरी हाई स्कूल, बारामती से 12वीं (HSC) परीक्षा उत्तीर्ण की। छात्र जीवन से ही उनका झुकाव सामाजिक और सार्वजनिक जीवन की ओर था, जिसने उन्हें आगे चलकर सक्रिय राजनीति की ओर प्रेरित किया।राजनीति में प्रवेश और उभरती पहचान
अजित पवार ने कम उम्र में ही राजनीति से जुड़कर संगठनात्मक कार्यों की शुरुआत की। जनता से सीधे जुड़ाव, तेज निर्णय क्षमता और प्रशासनिक समझ ने उन्हें पार्टी के महत्वपूर्ण नेताओं में खड़ा किया। उनकी कार्यशैली और नेतृत्व क्षमता ने उन्हें महाराष्ट्र के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल कर दिया।
छह बार उपमुख्यमंत्री बने, रिकॉर्ड बनाया
अजित पवार महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक उपमुख्यमंत्री रहने वाले नेताओं में शामिल हैं। उन्होंने गैर-लगातार कार्यकाल में 6 बार यह पद संभाला। उन्होंने पृथ्वीराज चव्हाण, देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे की सरकारों में उपमुख्यमंत्री के रूप में काम किया। यह राजनीतिक रिकॉर्ड उनके नेतृत्व और प्रशासनिक कौशल को दर्शाता है।







