
नई दिल्ली : भारत और यूरोपीयन यूनियन के बीच कारोबार बढ़ाने के लिए ऐतिहासिक करार सामने आने से अमेरिका को तगड़ा झटका लगा है,पिछले लगभग 20 सालों से विचाराधीन करार को अंतिम रूप देने में प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका सबसे महत्त्वपूर्ण बताई जा रही है | इस नई ट्रेड डील का आज ऐलान किया गया। भारत और यूरोपीयन यूनियन,दोनों पक्षों की तरफ से औपचारिक साझा बयान जारी होने से साफ़ हो गया है,कि अमेरिकी टैरिफ का अब कोई ख़ास असर नहीं पड़ेगा,क्योंकि यूरोप के कई देशों से भारतीय उत्पादों को सीधा बाजार मुहैया होगा| इसमें विदेशी शराब ( स्प्रिट )पर टैक्स काफी कम कर दिया गया है |

जानकारों के मुताबिक इस डील के तहत भारतीय बाजार के अनुरूप यूरोप,गारमेंट, टेक्सटाइल, जैम्स एंड ज्वैलरी पर यूरोप ड्यूटी खत्म होने एवं कुछ पर घटाने से भारतीय कारोबार नई ऊंचाई तय करेगा| भारत और यूरोपीयन यूनियन के बीच ट्रेड डील का एलान हो गया है। डील के तहत EU के 96.6% प्रोडक्ट्स पर टैरिफ या तो घटे हैं या खत्म हो गए हैं।

इस डील के तहत EU के एल्कोहल पर टैरिफ घटकर 40% होगा। EU के बीयर पर टैरिफ घटकर 50% होगा। EU के ऑलिव ऑयल पर टैरिफ पूरी तरह खत्म होगा। EU के खाद्य तेल पर भी टैरिफ पूरी तरह खत्म होगा। EU के फ्रूट जूस और प्रोसेस्ड फूड पर टैरिफ हटाया जाएगा। EU से भारत को 50 Cr यूरो का सपोर्ट मिलेगा। EU ग्रीन हाउस गैस एमिशन घटाने में मदद करेगा। भारत-EU में सिक्योरिटी और डिफेंस को लेकर भी करार हुआ है।समझौता दो बड़ी इकोनॉमी के बीच मजबूत साझेदारी है। इससे उद्योग, ऊर्जा सेक्टर और आम लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता मजबूत होगी। डील से सर्विस सेक्टर को नया सहारा मिलेगा।




