
नई दिल्ली : बजट 2026 से देश की मिडिल क्लास और आम आदमी की उम्मीदें बढ़ गई हैं। महंगाई और रोजमर्रा के खर्चों के बीच, लोग इस बार बजट में ऐसे कदमों की तलाश कर रहे हैं, जो उनकी जेब पर बोझ कम करें और जीवन को आसान बनाएं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट सिर्फ अर्थव्यवस्था को मजबूत करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आम परिवारों के लिए भी कई राहत पैकेज का है। बजट 2026 का फोकस इन्फ्रास्ट्रक्चर, डिफेंस और एक्सपोर्ट्स पर रहेगा, जिससे प्राइवेट इन्वेस्टमेंट बढ़ेगा और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मजबूत होगी। साथ ही आम आदमी को टैक्स, GST और बीमा में राहत मिलने की संभावना है।

बजट 2026 में रेलवे, सड़क, एयर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सहित कई प्रमुख सेक्टर्स में निवेश बढ़ने की संभावना है। इससे न केवल रोजगार बढ़ेंगे, बल्कि मिडिल क्लास परिवारों को बेहतर सुविधाएं और सेवाएं भी मिलेंगी। कस्टम और टैक्स सिस्टम को आसान बनाने, SEZ सुधारने और टैरिफ रेशनलाइज करने के कदम भी आम आदमी को महंगाई से राहत देने में मदद करेंगे। पिछले साल के सुधारों को ध्यान में रखते हुए, इस बार के बजट में जीएसटी में छूट और जीवन तथा स्वास्थ्य बीमा पर टैक्स राहत बढ़ाने की उम्मीद है। इससे मिडिल क्लास परिवारों के लिए बीमा पॉलिसी लेना आसान होगा और इलाज के खर्च में सीधे लाभ मिलेगा। बजट 2026 में MSME और स्टार्टअप्स को टैक्स-फ्री प्रोत्साहन देने की प्लानिंग है। इससे छोटे व्यवसायों की प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी और वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे। इसके असर से आम आदमी को रोजगार के अवसर बढ़ने और अर्थव्यवस्था में स्थिरता का फायदा मिलेगा।

मिडिल क्लास और छोटे परिवारों की नजरें इस बजट पर हैं। वे चाहते हैं कि रोजमर्रा की जिंदगी सस्ती हो, घर, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च में राहत मिले और टैक्स के बोझ में कमी आए। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बजट 2026 इन पहलुओं पर ध्यान देता है, तो यह आम परिवारों के लिए राहत का बड़ा पैकेज साबित हो सकता है।






