
नई दिल्ली : देश में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का जश्न शुरू होने जा रहा है। इस बीच सोमनाथ मंदिर के पुर्निर्माण के मुद्दे को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। बीजेपी ने बुधवार को सोमनाथ मंदिर के निर्माण को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर तीखा हमला किया। इसके साथ ही भगवा पार्टी ने पूर्व पीएम नेहरू पर ‘भगवान सोमनाथ के प्रति सबसे अधिक नफरत’ रखने का आरोप लगाया।

बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक के एक पोस्ट की। इसमें उन्होंने नेहरू की तरफ से लिखे गए कई पत्रों का हवाला देते हुए दावा किया कि नेहरू नहीं चाहते थे कि सोमनाथ मंदिर का फिर से निर्माण हो। त्रिवेदी ने आगे लिखा कि पहले सोमनाथ को मोहम्मद गजनी और खिलजी ने लूटा था, लेकिन आजाद भारत में पंडित नेहरू ने भगवान सोमनाथ के प्रति सबसे ज़्यादा नफ़रत दिखाई।

नेहरू के पाकिस्तानी पीएम को लेटर का जिक्र
उन्होंने कहा कि इसका सबसे बड़ा उदाहरण देखिए, पंडित नेहरू ने 21 अप्रैल, 1951 को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री लियाकत अली खान को एक चिट्ठी लिखी। इसमें उन्हें ‘प्रिय नवाबजादा’ कहकर संबोधित किया। उसमें उन्होंने सोमनाथ के दरवाजों की कहानी को ‘पूरी तरह झूठा’ बताया। पंडित नेहरू ने लियाकत अली खान को एक तरह से सरेंडर करते हुए लिखा कि सोमनाथ मंदिर के निर्माण जैसी कोई बात नहीं हो रही है।
बीजेपी नेता त्रिवेदी ने सवाल उठाया कि आखिर पंडित नेहरू लियाकत अली खान से किस बात से इतना डरते थे कि वे सोमनाथ मंदिर के बारे में उन्हें लिख रहे थे? पाकिस्तान के प्रोपेगेंडा का सामना करने या भारत की सभ्यता की यादों का बचाव करने के बजाय, पंडित नेहरू ने पाकिस्तान को खुश करने के लिए हिंदू ऐतिहासिक प्रतीकों को छोटा समझा और अंदरूनी आत्मविश्वास के बजाय बाहरी तुष्टीकरण को प्राथमिकता दी।




