
रायपुर : – दूर से देखने पर नीला पानी, लाल चट्टानें और शानदार नजारा… रायपुर का नकटी स्थित ‘ब्लू वॉटर’ देखने में भले ही किसी खूबसूरत पर्यटन स्थल जैसा लगता हो, लेकिन इसकी यही खूबसूरती अब चिंता का कारण बन रही है। यहां 24 वर्षीय आदिल खान की तलाश करीब 77 घंटे तक चली और आखिरकार उनका शव पानी की सतह पर मिला। SDRF और NDRF की टीमों ने कई दिनों तक सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसके बाद इस हादसे ने एक बार फिर ब्लू वॉटर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दरअसल, नकटी गांव के पास बनी पुरानी खदान में समय के साथ पानी भर गया और यह जगह सोशल मीडिया पर ‘ब्लू वॉटर’ के नाम से मशहूर हो गई। नीला पानी और लाल चट्टानों का कॉम्बिनेशन कैमरे में जितना शानदार दिखता है, जमीन पर इसकी हकीकत उतनी ही जोखिम भरी बताई जाती है। यह कोई सामान्य झील नहीं, बल्कि पुरानी खदान है, जहां पानी की गहराई काफी ज्यादा है। इसके बावजूद सोशल मीडिया की तस्वीरों के आकर्षण में लोग यहां पहुंचते हैं और कई बार सुरक्षा को नजरअंदाज कर देते हैं।

आदिल खान की मौत ने फिर चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर वायरल कोई खूबसूरत लोकेशन जरूरी नहीं कि सुरक्षित भी हो। प्रशासन की ओर से क्षेत्र में प्रवेश और पानी में उतरने पर प्रतिबंध लगाया गया है, लेकिन लोगों की आवाजाही पूरी तरह थमी नहीं है। ऐसे में ‘ब्लू वॉटर’ का खूबसूरत नजारा लोगों को आकर्षित जरूर कर रहा है, लेकिन इसके साथ जुड़े जोखिम को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। प्रशासन के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती इस जगह की खूबसूरती देखने आने वालों को खतरे से दूर रखना है।






