
सिलीगुड़ी। तीन दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सिलीगुड़ी कॉरिडोर यानी ‘चिकन नेक’ की सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया है। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की विशेष बैठक में उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारत को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले इस संवेदनशील भौगोलिक क्षेत्र की सुरक्षा केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है।
अमित शाह ने बताया कि सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए विशेष ‘त्रिकोणीय सुरक्षा ग्रिड’ तैयार किया गया है। इसके तहत चोपड़ा, किशनगंज और धुबरी स्थित तीन प्रमुख बेस से पूरे कॉरिडोर क्षेत्र की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में बाड़ लगाने के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध नहीं होने की पुरानी समस्या का भी उल्लेख किया। हालांकि, वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल में इस दिशा में सहयोग मिलने पर उन्होंने संतोष जताया।
अमित शाह ने क्षेत्र के बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को मजबूत करने की योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 2027 के बजट में दिल्ली-सिलीगुड़ी रेल कॉरिडोर बनाने की योजना का उल्लेख किया गया है। इससे उत्तर बंगाल और सिलीगुड़ी कॉरिडोर की कनेक्टिविटी को और मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
केंद्रीय गृह मंत्री के बयान को सिलीगुड़ी कॉरिडोर की रणनीतिक स्थिति और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बढ़ती अहमियत के रूप में देखा जा रहा है।




