
नई दिल्ली। सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद खास माना जाता है। इस बार 17 अगस्त 2026, सोमवार को नाग पंचमी और सावन सोमवार का विशेष संयोग बन रहा है। पंचांग के अनुसार, इस दिन श्रावण शुक्ल पंचमी है और इसी दिन तीसरा सावन सोमवार भी पड़ रहा है।
धार्मिक मान्यताओं में नाग पंचमी का संबंध नाग देवता और भगवान शिव से माना जाता है। इसी वजह से इस दिन शिवलिंग पर जलाभिषेक, नाग देवता की पूजा और शिव मंत्रों का जाप करने का विशेष महत्व बताया गया है। श्रद्धालु इस अवसर पर भगवान शिव को दूध, जल, बेलपत्र और धतूरा अर्पित करते हैं।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष बताया जाता है, वे नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा, शिवलिंग का अभिषेक और महामृत्युंजय मंत्र का जाप कर सकते हैं। कुछ लोग इस दिन नाग देवता को दूध अर्पित करने की परंपरा भी निभाते हैं। हालांकि, इसे ज्योतिषीय आस्था और परंपरा के रूप में ही देखा जाना चाहिए। इस दिन सुबह स्नान के बाद शिव मंदिर जाकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करें और श्रद्धापूर्वक नाग देवता की पूजा करें। मान्यता है कि सावन सोमवार और नाग पंचमी का यह संयोग शिवभक्तों के लिए विशेष आध्यात्मिक अवसर लेकर आता है।







