
इंडोनेशिया के पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत की सरकार ने फ्लोरेस द्वीप में आए 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के बाद 14 दिनों के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया की स्थिति घोषित कर दी है। यह अवधि 15 से 28 अगस्त तक लागू रहेगी।
पूर्वी इंडोनेशिया में शनिवार को आए भूकंप में मृतकों की संख्या रविवार को चार और शव बरामद होने के बाद बढ़कर 51 हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। भूकंप के कारण हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।
अमेरिका भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार, शक्तिशाली भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 5:58 बजे पूर्वी इंडोनेशिया के फ्लोरेस क्षेत्र में आया। भूकंप का केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। अमेरिका भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने बताया कि सुनामी की चेतावनी जारी होने के बाद लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए हालांकि बाद में यह चेतावनी वापस ले ली गई।
इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, भूकंप के बाद कम से कम 235 झटके महसूस किए गए।
वहीं, रविवार को बचावकर्मी भूकंप के कारण हुए भूस्खलन के मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटे रहे। यह अभियान फ्लोरेस के छह क्षेत्रों में चलाया गया। फ्लोरेस मुख्य रूप से कैथोलिक आबादी वाला द्वीप है और मुस्लिम बहुल इंडोनेशिया का हिस्सा है।
बचावकर्मियों ने उन तीन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया, जहां भूकंप के बाद अब भी पहुंचना संभव नहीं हो पाया था। इनमें सबसे अधिक प्रभावित मंगराई, पूर्वी मंगराई और नागेकेओ जिले शामिल हैं।
सिक्का की राजधानी मौमेरे में खोज एवं बचाव कार्यालय के प्रमुख फतहुर रहमान ने बताया, “हमने भूस्खलनों के कारण फैले ज्यादातर मलबे को हटा दिया है और पहले से अलग-थलग पड़े गांवों के लिए सड़कें फिर से खोल दी हैं। हालांकि, संचार व्यवस्था बाधित होने और बिजली कटौती के कारण तलाश अभियान में अब भी दिक्कतें आ रही हैं।”
राष्ट्रीय खोज एवं बचाव एजेंसी के अनुसार, 101 लोग घायल हुए हैं, 900 से अधिक मकान पूरी तरह नष्ट हो गए, जबकि 450 अन्य मकानों को नुकसान पहुंचा है। एजेंसी ने बताया कि भूकंप के कारण करीब 5,000 लोगों को अस्थायी आश्रय स्थलों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा है।







