
नई दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा को बेचैनी महसूस होने के बाद दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया है. उनकी तबीयत को लेकर डॉक्टरों ने कई जांच कीं, जिनमें कोरोनरी एंजियोग्राफी भी शामिल है. एम्स के अनुसार, फिलहाल उनकी हालत स्थिर है और उन्हें कार्डियोलॉजी विभाग में निगरानी के लिए रखा गया है.
एम्स ने जारी किया स्वास्थ्य अपडेट
एम्स की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, 65 वर्षीय जेपी नड्डा को बेचैनी की शिकायत के बाद चिकित्सकीय जांच के लिए लाया गया था. डॉक्टरों ने उनकी स्थिति का आकलन करने के लिए कई टेस्ट किए. इनमें कोरोनरी एंजियोग्राफी भी शामिल रही. अस्पताल ने बताया कि नड्डा की स्थिति फिलहाल स्थिर है और उन्हें कार्डियोलॉजी विभाग में चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है.
क्या होती है कोरोनरी एंजियोग्राफी?
कोरोनरी एंजियोग्राफी दिल की रक्त वाहिकाओं की जांच करने वाली एक मेडिकल इमेजिंग प्रक्रिया है. इसका इस्तेमाल हृदय तक ऑक्सीजन युक्त रक्त पहुंचाने वाली कोरोनरी धमनियों में किसी तरह की संकुचन या रुकावट का पता लगाने के लिए किया जाता है. इस प्रक्रिया में डॉक्टर आमतौर पर कलाई या कमर की रक्त वाहिका के जरिए एक पतली और लचीली ट्यूब यानी कैथेटर को हृदय की धमनियों तक पहुंचाते हैं. इसके बाद विशेष कंट्रास्ट डाई का इस्तेमाल कर एक्स-रे इमेज ली जाती हैं, जिससे रक्त वाहिकाओं की स्थिति स्पष्ट दिखाई देती है.
सीजेपी प्रदर्शन के दौरान भी रहे सक्रिय
जेपी नड्डा हाल के दिनों में सीजेपी प्रदर्शन के दौरान भी काफी सक्रिय नजर आए थे. उन्होंने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल समाप्त कराने में भूमिका निभाई थी. इसके बाद प्रदर्शन से जुड़े नेताओं से बातचीत कर जंतर-मंतर पर चल रहे धरने को खत्म कराने की दिशा में भी पहल की थी. फिलहाल एम्स में डॉक्टरों की टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है. अस्पताल के आधिकारिक अपडेट के अनुसार उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है.



