
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनकी पत्नी पायल अब्दुल्ला के तलाक को मंजूरी देने की बात कही। दोनों पक्षों ने अदालत में आपसी सहमति से वैवाहिक संबंध खत्म करने और सभी लंबित विवादों को सुलझाने पर सहमति जताई है।मामला सुप्रीम कोर्ट तब पहुंचा, जब उमर अब्दुल्ला ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें तलाक की उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से तलाक के लिए सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दाखिल किया।

दोनों पक्षों ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत तलाक की मांग की है। वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ को बताया कि दोनों पक्ष सभी विवादों को खत्म करने के लिए सहमत हैं और अदालत अनुच्छेद 142 के तहत तलाक मंजूर कर सकती है।इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मामले को आपसी बातचीत के जरिए सुलझाने के लिए सुप्रीम कोर्ट मेडिएशन सेंटर भेजा था। उमर अब्दुल्ला ने दिल्ली हाई कोर्ट में फैमिली कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी।

उमर अब्दुल्ला और पायल अब्दुल्ला की शादी 1 सितंबर 1994 को हुई थी। दोनों वर्ष 2009 से अलग रह रहे हैं और उनके दो बेटे हैं। उमर ने फैमिली कोर्ट में अलगाव और कथित क्रूरता को आधार बनाते हुए तलाक की मांग की थी।हालांकि, 30 अगस्त 2016 को फैमिली कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट का कहना था कि उमर शादी के पूरी तरह टूट जाने की बात साबित नहीं कर सके। इसके बाद उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया। दिसंबर 2023 में हाई कोर्ट ने भी फैमिली कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा था।





