
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नीट प्रश्नपत्र लीक मामले पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वीडियो संदेश के बाद कहा कि प्रधानमंत्री को संसद के बाहर एकतरफा बयान देने के बजाय संसद में आकर जवाब देना चाहिए। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री सदन में आने से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करें, छात्रों से माफी मांगें और छात्रों पर लाठीचार्ज तथा पैलेट गन के इस्तेमाल के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।
खरगे ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि जब संसद का सत्र चल रहा हो तो प्रधानमंत्री को संसद के पटल पर बयान देना चाहिए, न कि देर रात वीडियो जारी कर संसद के बाहर अपनी बात रखनी चाहिए। सदन में आने से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाकर आएं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने राहुल गांधी की ओर से उठाई गई मांगों को दोहराते हुए कहा कि सरकार पहले छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठी-डंडों तथा पैलेट गन के इस्तेमाल के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। इसके बाद ही शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रणाली पर विस्तृत चर्चा की जा सकती है।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार देर रात जारी वीडियो संदेश में कहा था कि प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए हैं और दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। उन्होंने बताया था कि अधिकारियों ने प्रश्नपत्र लीक के मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन तथा दोषियों को कड़ी सजा दिलाने संबंधी मसौदा तैयार कर उन्हें सौंप दिया है। इस मसौदे पर शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा की जाएगी और सुझावों के बाद इसे अंतिम रूप देकर जल्द संसद में प्रस्तुत किया जाएगा।




