
दिल्ली – पीएम मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई दिग्गज नेताओं ने गुरुवार को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम के महानायक के रूप में लोकमान्य तिलक ने राष्ट्रवाद की भावना जगाई और पीढ़ियों को समाज सेवा के लिए प्रेरित किया।
पीएम मोदी ने गुरुवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “लोकमान्य तिलक को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। भारत के स्वतंत्रता संग्राम के महानायक के रूप में उन्होंने राष्ट्रवाद की भावना जगाई और पीढ़ियों को समाज सेवा के लिए प्रेरित किया। हमारी संस्कृति को लोकप्रिय बनाने और भाईचारे की भावना को बढ़ाने के उनके प्रयास भी उतने ही प्रेरणादायक थे। उनकी लेखनी ने लोगों में नया आत्मविश्वास जगाया और गर्व की भावना को बढ़ावा दिया।”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। उनका अमर उद्घोष, ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा’, करोड़ों भारतीयों में स्वतंत्रता और राष्ट्रभावना की चेतना जगाने वाला मंत्र बना। उनका अटूट राष्ट्रप्रेम, स्वराज के प्रति दृढ़ संकल्प और स्वदेशी पर बल आने वाली पीढ़ियों को भी राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।”
केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक जी स्वाधीनता संग्राम के उन अग्रणी नायकों में थे, जिन्होंने आजादी के आंदोलन में युवाओं को संगठित और प्रेरित करने के साथ-साथ स्वभाषा, स्वदेशी और स्वसंस्कृति के लिए भी आजीवन संघर्ष किया।
उन्होंने लिखा, “‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा’ उनके इस उद्घोष ने पूरे राष्ट्र की चेतना को झकझोर कर स्वाधीनता की भावना को जन-जन तक पहुंचाया। गणेश उत्सव और छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती जैसे आयोजनों से उन्होंने राष्ट्रीय जागरण का अभूतपूर्व कार्य किया। उनका कालजयी ग्रंथ ‘गीता रहस्य’ आज भी हमें कर्तव्यपथ पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है। लोकसेवा व राष्ट्रनिष्ठा के प्रतीक तिलक महाराज की जयंती पर उन्हें कोटिश नमन।”
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रखर पुरोधा, पूर्ण स्वराज्य के प्रबल उद्घोषक और अदम्य राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बताया।
उन्होंने लोकमान्य तिलक को नमन करते हुए कहा, “स्वदेशी आंदोलन, शिक्षा प्रसार और निरंतर सक्रियता के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना को बलवती करने में लोकमान्य तिलक की महती भूमिका रही। उनके निर्भीक व्यक्तित्व, राष्ट्रवादी पत्रकारिता और जनजागरण के प्रयासों ने करोड़ों भारतीयों को स्वाधीनता आंदोलन में भागीदारी के लिए प्रेरित किया। राष्ट्र सर्वोपरि की उनकी भावना, अदम्य साहस, विचारशीलता और तपस्वी कर्मनिष्ठा आज भी प्रत्येक भारतीय को मातृभूमि की सेवा, राष्ट्रनिर्माण और कर्तव्यनिष्ठ जीवन के लिए प्रेरित करती है।






