शनिवार की सुबह जब लोगों को अपने घरों में अखबार मिले तो उनमें शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे को महाराष्ट्र का अगला मुख्यमंत्री बताया गया था | उद्धव के मुख्यमंत्री बनने की बड़ी खबरें ज्यादातर हिन्दी-अंग्रेजी अखबारों के पहले पन्ने पर प्रमुखता से छपी थी | कुछ अखबारों ने जहां इसे शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के गठबंधन के फैसले के रूप में बताया था, वहीं कई ने हेडिंग में सीधे तौर पर उद्धव के अगले सीएम होने की बात लिखी | लेकिन अभी कई लोगों ने अखबार खोला भी नहीं था कि ये खबर बदल गई | सुबह जिन लोगों ने अखबार और टीवी एक साथ देखना शुरू किया, उन्हें अखबार की खबर टीवी से मैच होती नहीं दिखी | क्योंकि टीवी पर सुबह-सुबह बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस दोबारा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले रहे थे |

बता दें कि देर रात तक ऐसी खबरें आ रही थीं कि शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के बीच सरकार बनाने पर सहमति बन गई है और शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे अगले मुख्यमंत्री होंगे | एनसीपी प्रमुख शरद पवार भी यही बात कह रहे थे | खबरों के मामलों में शनिवार की सुबह इसलिए भी चौंकाने वाली थी कि बीजेपी एनसीपी के सहयोग से सरकारी बनाती दिख रही थी | फडणवीस के साथ एनसीपी नेता अजित पवार भी डिप्टी सीएम के रूप में शपथ ले रहे थे | क्योंकि कल तक अजित पवार शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के साथ सरकार बनाने वाले थे | यहां तक कि अजित पवार तीनों पार्टियों की बैठक में भी शामिल हुए थे | लेकिन रात 12.30 बजे एक चिट्टी ने महाराष्ट्र की राजनीति में उलटफेर कर दिया |
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बताया जाता है कि तीनों दलों की बैठक के बाद भारतीय राजनीति का सबसे बड़ा उलटफेर एक चिट्ठी के जरिये रचा गया | रात साढ़े बारह बजे देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार राज्यपाल से मिलने पहुंचे और सरकार बनाने का दावा पेश किया | इसके बाद राज्यपाल ने रात में ही केंद्र से सरकार बनाने की सिफारिश की और राष्ट्रपति शासन हटाने और शपथ लेने का वक्त सुबह सात बजे का तय हुआ | फिर सुबह होते ही राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने शनिवार की सुबह देवेंद्र फडणवीस को सीएम पद की शपथ दिलाई | वहीं अजित पवार ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली | जब यह खबर सामने आई तो राजनीति में भूचाल मच गया | यह भी कहा जा रहा है कि इस पूरे राजनीतिक उलटफेर में प्रफुल्ल पटेल ने बड़ी भूमिका निभाई है |
हालांकि, अब तक उनकी ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है | कहा जा रहा है कि अजित पवार के खेमे के विधायकों ने उन्हें विधायक दल का नेता भी चुना | वहीं, अजित पवार का कहना है कि उन्होंने शरद पवार को पहले ही सबकुछ बता दिया था | वहीं, एनसीपी नेता नवाब मलिक ने यह आरोप लगाया है कि शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के विधायक दल की चिट्ठी का अजित पवार ने गलत इस्तेमाल किया | उन्होंने धोखा देते हुए विधायक दल के समर्थन की चिट्ठी को राज्यपाल को सौंपा |