
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज रविवार को सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) [वीबी–जी राम जी] के क्रियान्वयन की समीक्षा की तथा राज्यों को योजना के संचालन के लिए ₹25,863 करोड़ की पहली किस्त (मदर सैंक्शन) जारी की।
इस दौरान, चौहान ने कहा कि सरकार का संकल्प था कि 1 जुलाई, 2026 से विकसित भारत–जी राम जी पूरे देश में बिना किसी व्यवधान के लागू हो। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि योजना पूरे देश में सफलतापूर्वक लागू हो चुकी है तथा मनरेगा से विकसित भारत–जी राम जी में ट्रांजीशन पूरी तरह सहज और सुचारु रहा है। अब तक किसी भी प्रकार की तकनीकी अथवा संचालन संबंधी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि गरीब मजदूर भाई-बहनों की सेवा ही भगवान की सेवा है। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण श्रमिकों को सम्मानजनक रोजगार, समय पर मजदूरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण सुनिश्चित करना है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विकसित भारत–जी राम जी के अंतर्गत मजदूरी दरों में औसतन लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। अब देश के किसी भी राज्य में मजदूरी ₹300 प्रतिदिन से कम नहीं होगी। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण श्रमिकों की आय और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता का परिचायक है।
चौहान ने आगे कहा कि आज जारी की गई ₹25,863 करोड़ की पहली किस्त का उद्देश्य राज्यों को समय पर संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि श्रमिकों को 15 दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने सभी राज्य सरकारों से आग्रह किया कि वे भी अपनी हिस्सेदारी की राशि समय पर जारी करें, जिससे मजदूरी भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विकसित भारत–जी राम जी के प्रभावी क्रियान्वयन में धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। पहली किस्त राज्यों की मांग के आधार पर जारी की गई है और भविष्य में भी आवश्यकता के अनुसार धन उपलब्ध कराया जाएगा। चौहान ने कहा कि ग्राम सभाएं और ग्राम पंचायतें स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों का चयन करें ताकि गांवों का समग्र और सहभागी विकास सुनिश्चित हो सके।




