
लखनऊ। अलीगंज अग्निकांड की जांच का दायरा अब और बढ़ता नजर आ रहा है। इस मामले में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के 100 से ज्यादा वर्तमान और पूर्व अधिकारियों की भूमिका की जानकारी जुटाई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2014 से 2026 तक संबंधित रहे अधिकारियों का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है, जिसे आगे विशेष जांच दल (SIT) को सौंपा जाएगा। जांच के दौरान जरूरत पड़ने पर अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं। गौरतलब है कि 22 जून को अलीगंज स्थित एक कोचिंग कॉम्प्लेक्स में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद मामले की जांच के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण की ओर से पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट एलडीए उपाध्यक्ष को सौंप दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि भवन में तय मानकों से अधिक निर्माण, संकरी पहुंच व्यवस्था और आपातकालीन बचाव उपायों की कमी जैसी बातें हादसे की संभावित वजहों में शामिल हैं। हालांकि अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच और आधिकारिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे।

घटनाक्रम एक नजर में
- दोपहर 2:15 बजे: अलीगंज सेक्टर-डी स्थित चार मंजिला कॉम्प्लेक्स में आग लगने की सूचना मिली।
- दोपहर 2:30 बजे: आग बढ़ने के बाद फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई।
- दोपहर 3:10 बजे: दमकल की पहली टीम मौके पर पहुंची और बाद में अतिरिक्त गाड़ियां भेजी गईं।
- शाम 6:30 बजे: आग पर नियंत्रण की जानकारी दी गई। घटना में 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई।

कोचिंग संस्थानों पर भी कार्रवाई
घटना के बाद कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था और भवन मानकों की जांच शुरू की गई। इसी क्रम में काकादेव क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए फिजिक्स वाला समेत 22 कोचिंग संस्थानों को सील किया गया। अधिकारियों के अनुसार, इन संस्थानों में भवन और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन से जुड़े पहलुओं की जांच की गई है। आगे भी नियमों के पालन को लेकर कार्रवाई जारी रह सकती है।फिलहाल, पूरे मामले में जांच जारी है और प्रशासन जिम्मेदारी तय करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।







