
जहानाबाद: हुलासगंज प्रखंड के बनवरिया गांव निवासी बलिदानी फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम की शहादत को 10 दिन बीत चुके हैं,लेकिन गांव और परिवार के लोगों के दिलों में आज भी गहरा दुख और शोक का माहौल बना हुआ है। शुभम की याद आते ही स्वजन की आंखें नम हो जाती हैं, वहीं ग्रामीण भी उनके हंसमुख स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और देशभक्ति को याद कर भावुक हो उठते हैं। मंगलवार को बलिदानी का दशकर्म संपन्न किया जा रहा है। परिवार के सदस्य भारी मन से सभी पारंपरिक कर्मकांडों को पूरा करने में जुटे हुए हैं। 25 जून को उनका श्राद्ध कर्म आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में रिश्तेदारों, शुभचिंतकों और ग्रामीणों के शामिल होने की संभावना है।

परिवार के लोगों का कहना है कि शुभम की शहादत ने पूरे गांव को गौरवान्वित किया है, लेकिन उनके असमय चला जाने से जो खालीपन पैदा हुआ है, उसे कभी भरा नहीं जा सकता। गांव के बुजुर्गों से लेकर युवा तक उन्हें याद कर श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। इस बीच सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष संदीप तिवारी ने 20 जून को बलिदानी के स्वजन को डेढ़ करोड़ रुपये की सहायता राशि का चेक सौंपा था। इस दौरान संबंधित बैंक के प्रबंधक भी मौजूद थे। बता दें कि बीते दिनों शुभम के अंतिम संस्कार के दौरान उनकी कथित पत्नी श्रेया राय को हुलासगंज के सीओ ने सरकार की ओर से 21 लाख रुपये ने चेक दिया था। जिसे लेकर वो चली गई थी।

सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष ने बैंक प्रबंधक को निर्देश दिया कि बैंकिंग से जुड़ी सभी औपचारिकताएं स्वयं बलिदानी के घर पहुंचकर पूरी कराई जाए, ताकि शोकाकुल परिवार को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। हालांकि ग्रामीणों में एक मांग लगातार उठ रही है। दूसरी तरफ 25 जून को पत्नी के श्रद्धाकर्म में आने की सूचना है, उसी दिन वह 21 लाख की राशि भी परिवार को सौंप देगी।गांव के लोगों का कहना है कि बलिदानी शुभम की स्मृति में गांव में एक द्वार या स्मारक का निर्माण कराया जाना चाहिए। उनका मानना है कि इससे आने वाली पीढ़ियां भी उनके बलिदान, साहस और देशसेवा की प्रेरणादायक कहानी को याद रख सकेंगी। ग्रामीणों ने सरकार और जनप्रतिनिधियों से इस दिशा में शीघ्र पहल करने की अपील की है। शुभम की शहादत ने पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है और उनकी स्मृतियां लोगों के दिलों में हमेशा जीवित रहेंगी।




