
कोलकाता/नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में झटका लगने के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में अंदरूनी कलह लगातार बढ़ती जा रही है। पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को बुधवार को उस समय एक और बड़ा झटका लगा, जब राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने पार्टी और राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

सुष्मिता देव का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब टीएमसी पहले से ही बगावत और टूट की खबरों से जूझ रही है। इस्तीफे के बाद उन्होंने कहा कि वह “दो नावों में सवार नहीं रहना चाहतीं”, जिससे उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

इधर, टीएमसी के भीतर बागी खेमे की ताकत भी बढ़ती दिख रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सांसद सयानी घोष समेत 19 सांसद एक अलग गुट के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। इस सूची में कई प्रमुख नेताओं के नाम शामिल बताए जा रहे हैं, जिससे पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ गई है।सुष्मिता देव का इस्तीफा टीएमसी के लिए एक हफ्ते के भीतर दूसरा बड़ा झटका माना जा रहा है। इससे पहले भी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने इस्तीफा देकर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी थी।लगातार इस्तीफों और बगावत की खबरों के बीच अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या टीएमसी अपने सबसे बड़े राजनीतिक संकट का सामना कर रही है। आने वाले दिनों में बागी नेताओं की अगली रणनीति और ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।




