
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रमिक राज्य की प्रगति की सबसे बड़ी शक्ति हैं। श्रमिकों को सम्मानजनक जीवन, शिक्षा और सुरक्षित कार्य वातावरण देना सरकार की प्राथमिकता है। श्रम एवं सेवायोजन विभाग की समीक्षा में शनिवार को मुख्यमंत्री ने कई निर्देश दिए। उन्होंने बाल श्रमिक विद्या योजना को नए प्रावधानों के साथ सभी 75 जिलों में लागू करने को कहा। अभी यह योजना 20 जिलों में चल रही है। योजना में 8 से 18 वर्ष के कामकाजी बच्चों को विद्यालयों से जोड़कर आर्थिक मदद दी जाती है।
मुख्यमंत्री ने‘सेवामित्र व्यवस्था’को और प्रभावी बनाने को कहा। सरकारी विभागों में भी इसके उपयोग से पारदर्शिता बढ़ेगी और स्थानीय रोजगार मिलेगा। पोटर्ल पर अभी 54,747 कुशल कामगार पंजीकृत हैं। सभी औद्योगिक शहरों में आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र विकसित होंगे। इन्हें केवल जुटान स्थल नहीं, बल्कि श्रमिक सहायता केंद्र बनाया जाएगा। दूसरे क्षेत्रों से आने वाले श्रमिकों के लिए सुरक्षित आवास की व्यवस्था भी होगी। कानपुर में 200 प्रशिक्षुओं की क्षमता वाला औद्योगिक श्रमिक प्रशिक्षण संस्थान और छात्रावास बनेगा। यहां बढ़ई, बिजली मिस्त्री, नलसाज जैसे कामों का प्रशिक्षण मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-26 में 3,030 रोजगार मेलों से 3.74 लाख युवाओं को रोजगार मिला।‘उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन’से 27,555 युवाओं का चयन हुआ, जिनमें 2,300 विदेश के लिए चुने गए। जर्मनी, जापान में रोजगार के लिए भाषा प्रशिक्षण शुरू होगा। उन्होंने रोजगार संगम पोटर्ल में कृत्रिम बुद्धि आधारित रोजगार मिलान और ऑनलाइन परामर्श व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। प्रदेश में अब तक 32,583 कारखाने पंजीकृत हो चुके हैं।



