Ghibli AI: सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से घिबली स्टाइल फोटो की भरमार लगी हुई है. यह ट्रैंड काफी तेजी से वायरल हुआ है. लोग अपनी-अपनी फोटो को घिबली में बदलकर सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं. दरअसल, ओपनएआई के प्लेटफॉर्म चैटजीपीटी ने कुछ समय पहले ही इस फीचर को ऐड किया था. उसके बाद से ही लोग इसका खूब इस्तेमाल कर रहे हैं. लेकिन अब एक इंजीनियर ने इस ट्रैंड को लेकर चेतावनी जारी की है.
डिजिटल प्राइवेसी विशेषज्ञ और साइबर सुरक्षा एक्सपर्ट्स ने इस पर चिंता जताई है. उनका मानना है कि OpenAI इस ट्रेंड का उपयोग लाखों निजी तस्वीरें इकट्ठा करने और अपने एआई मॉडल को बेहतर तरीके से तैयार करने के लिए कर सकता है. ऐसे में, कई यूजर्स अनजाने में अपनी ताज़ा बायोमेट्रिक डेटा कंपनी को सौंप रहे हैं जिससे गंभीर प्राइवेसी मुद्दे खड़े हो सकते हैं.
जानकारी के लिए बता दें कि एआई इंजीनियर ठाकुर हर्ष सिंह ने एआई इमेज जनरेशन की प्रक्रिया को समझाते हुए कहा, “आप अपनी तस्वीरें अपलोड कर सकते हैं लेकिन व्यक्तिगत तस्वीरों को सुरक्षित रखना बेहद ज़रूरी है! गूगल, GPT और ग्रोक जैसे फेमश एआई टूल्स को इस्तेमाल करना कुछ हद तक सुरक्षित हो सकता है लेकिन पूरी तरह से इसपर भरोसा जताना ठीक नहीं है.”
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उन्होंने आगे कहा, “कुछ एआई इमेज जनरेटर जो ज्यादा फेमश नहीं हैं, खासकर चीनी कंपनियों द्वारा बनाए गए टूल्स से बचें, क्योंकि आपको यह नहीं पता कि वे आपके डेटा का उपयोग कैसे करेंगे. यह जानकारी सिर्फ जागरूकता बढ़ाने के लिए है ताकि आप भविष्य में अपनी निजी जानकारी को एआई मॉडल के साथ साझा करने से बचें.”
वर्तमान में, कोई भी एआई मॉडल आपकी तस्वीर की सटीक कॉपी नहीं बना सकता लेकिन भविष्य में यह संभव हो सकता है. एआई जिस तेज़ी से विकसित हो रहा है उसे देखते हुए यह ज़रूरी है कि कोई भी पर्सनल फोटो किसी भी एआई टूल पर अपलोड करने से पहले दो बार सोचे. हर्ष सिंह ने यह भी बताया कि अब एआई को ट्रेन करने के लिए हजारों तस्वीरों की आवश्यकता नहीं होती. हाल के डेवलपमेंट जैसे कि DreamBooth और Stable Diffusion जैसी तकनीकों की मदद से सिर्फ 10-12 तस्वीरों के माध्यम से एआई मॉडल को ट्यून किया जा सकता है.
कैसे रखें अपनी जानकारी सेफ
- अगर आप किसी एआई इमेज ट्रेंड में हिस्सा लेने जा रहे हैं तो इन बातों का ध्यान रखें.
- निजी तस्वीरें अपलोड करने से पहले दो बार सोचें.
- सोशल मीडिया पर हाई-रिज़ॉल्यूशन तस्वीरें पोस्ट करने से बचें क्योंकि इन्हें एआई ट्रेनिंग के लिए स्क्रैप किया जा सकता है.
- चेहरे की पहचान के बजाय पिन या पासवर्ड का उपयोग करें.
- अपने कैमरे की एक्सेस की जांच करें और देखें कि कौन-कौन से ऐप इसे एक्सेस कर सकते हैं.
- साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह ट्रेंड जितना मज़ेदार लगता है उतना ही खतरनाक भी हो सकता है. इसलिए, अपनी प्राइवेसी को लेकर सतर्क रहें.