
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार की आज (बुधवार काे) होने वाली कैबिनेट बैठक कई बड़े प्रशासनिक फैसलों के लिए अहम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में सुबह 11 बजे होने वाली बैठक में लंबे समय से प्रतीक्षित तबादला नीति-2026 को मंजूरी मिल सकती है। इसके साथ ही प्रदेश में तबादलों पर लगा प्रतिबंध हटने के संकेत भी मिल रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने नई तबादला नीति का ड्राफ्ट तैयार कर मुख्यमंत्री सचिवालय को भेज दिया है। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव स्तर पर चर्चा के बाद इसे कैबिनेट में पेश किया जाएगा। मंत्रियों की सहमति मिलते ही नई ट्रांसफर पॉलिसी लागू हो सकती है।
तबादला नीति में बड़े बदलाव के संकेत
नई नीति में प्रशासनिक और स्वैच्छिक तबादलों को अलग-अलग श्रेणियों में रखने की तैयारी है। अब तक दोनों प्रकार के तबादले एक ही कोटे में शामिल होते थे, जिससे जरूरी प्रशासनिक फेरबदल प्रभावित होते थे। सूत्रों के अनुसार, इस बार प्रशासनिक जरूरतों के आधार पर अधिक तबादले किए जा सकेंगे। वहीं स्वैच्छिक तबादलों की सीमा को लेकर भी सरकार नई व्यवस्था ला सकती है।
विजय शाह ने उठाई थी लिमिट हटाने की मांग
11 मई को हुई पिछली कैबिनेट बैठक में मंत्री विजय शाह ने स्वैच्छिक तबादलों की लिमिट खत्म करने की मांग मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सामने रखी थी। मुख्यमंत्री ने इस पर सकारात्मक विचार का आश्वासन देते हुए अधिकारियों को अगली बैठक में तबादला नीति लाने के निर्देश दिए थे।
जिलों में प्रभारी मंत्री और कलेक्टर को मिल सकती है ताकत
प्रस्तावित नीति के तहत तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के जिला स्तर पर तबादले प्रभारी मंत्री और कलेक्टर की अनुशंसा से किए जा सकेंगे। वहीं प्रथम श्रेणी अधिकारियों के तबादलों के लिए मुख्यमंत्री की मंजूरी अनिवार्य रहेगी। इसके अलावा, पिछले एक वर्ष के भीतर स्थानांतरित कर्मचारियों को सामान्य परिस्थितियों में दोबारा ट्रांसफर नहीं किए जाने का प्रावधान भी प्रस्तावित है।
स्कूल शिक्षा समेत कुछ विभागों की अलग नीति
हर साल की तरह इस बार भी स्कूल शिक्षा विभाग की तबादला नीति अलग रह सकती है। इसके अलावा जनजातीय कार्य, राजस्व और ऊर्जा विभाग भी अपनी अलग ट्रांसफर पॉलिसी जारी कर सकते हैं। हालांकि, उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग की मूल गाइडलाइन का पालन करना होगा।
कई विभागों के प्रस्तावों पर भी चर्चा
इसके अलावा कैबिनेट बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग, उद्यानिकी विभाग और सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी चर्चा और निर्णय होने की संभावना है।







