
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले में गाड़ियों की संख्या कम हो गई है. यह युद्ध के बाद वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की सप्लाई में आ रही गिरावट का असर है. पीएम मोदी ने देशवासियों के तेल का इस्तेमाल कम करने की अपील के साथ इसे खुद पर भी अमल किया है. अमेरिका- ईरान के बीच जंग की वजह से पूरी दुनिया में तेल-गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है. भारत भी इससे अछूता नहीं है. ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कम से कम पेट्रोल और गैस इस्तेमाल करने की अपील की है.
प्रधानमंत्री ने तेल बचाने के लिए ही अपने काफिले में वाहनों की संख्या काफी कम कर दी है. पीएम मोदी के काफिले में सिर्फ दो गाड़ियां दिखाई दी. पीएम मोदी ने ये पहल तेल बचाने के लिए शुरू की है. ताकि, अन्य लोग भी इससे प्रेरित होकर ऐसा ही करें. काफिले में गाड़ी कम करने का मकसद ही पूरे देश को यह संदेश देना है कि मौजूदा समय में हमें हर हाल में अपनी पेट्रोल-डीजल से जुड़ी जरूरतों को कम करना है. प्रधानमंत्री के अलावा अन्य मंत्री और नेताओं ने भी अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम कर दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपने काफिले का आकार घटाकर आधे से भी कम कर दिया.पीएम मोदी और अमित शाह की तरह केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी तेल बचाने और राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह का हवाला देते हुए, अपने आधिकारिक काफिले में वाहनों की संख्या 50 प्रतिशत तक कम करने और महाराष्ट्र दौरे के दौरान बस से यात्रा करने का निर्णय लिया है.




