
असम में इस साल होने वाले विधानसभा के चुनाव को लेकर सियासत में गर्माहट बढ़ गई है। चुनावी रण में राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारियां भी तेज कर दी है। इसी बीच रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी असम के दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने ब्रह्मपुत्र नदी पर बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन किया। यह पुल गुवाहाटी को नॉर्थ गुवाहाटी से जोड़ता है और पूर्वोत्तर भारत का पहला एक्स्ट्राडोज्ड पुल है। यह 6-लेन का आधुनिक पुल करीब 3,030 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। इसके बनने से गुवाहाटी और नॉर्थ गुवाहाटी के बीच यात्रा समय घटकर सिर्फ 7 मिनट रह जाएगा, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
कितना खास है ये पुल?
1.24 किलोमीटकर लंबा यह पुल दोनों किनारों को जोड़ने वाले 8.4 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का हिस्सा है. लगभग 3,300 करोड़ रुपये की लागत से बना यह पुल मौजूदा नदी क्रॉसिंग पर दबाव कम करने और असम के सबसे बड़े शहर गुवाहाटी में बढ़ते गाड़ियों के ट्रैफिक को संभालने के लिए बनाया गया है.अभी, आने-जाने वाले लोग नदी पार करने के लिए ज्यादातर सरायघाट पुल या फेरी सर्विस पर निर्भर हैं. पीक आवर्स में, सरायघाट से सड़क यात्रा में अक्सर भीड़ के कारण 45 मिनट से एक घंटे का समय लगता है, जबकि फेरी क्रॉसिंग मौसम की स्थिति और तय शेड्यूल पर निर्भर करती है. नए पुल से एक सीधा और तेज विकल्प मिलने की उम्मीद है.कुमार भास्कर वर्मा सेतु ब्रह्मपुत्र पर 1.24 किलोमीटर लंबा छह लेन का एक्सट्राडोज्ड पुल है और यह गुवाहाटी और उत्तरी गुवाहाटी को जोड़ने वाले 8.4 किलोमीटर लंबे कनेक्टिविटी कॉरिडोर का हिस्सा है.

क्या फायदा होगा इस पुल से?
उत्तरी गुवाहाटी से आने-जाने वाले लोग या तो ब्रह्मपुत्र पार करके मुख्य शहर के दक्षिणी किनारे तक फेरी से पहुंचते हैं जो अक्सर बाढ़ और सर्दियों के दौरान खराब हो जाती हैं और सराय पुल से सड़क पार करने में एक घंटे से ज्यादा समय लगता है. लेकिन अब इस पुल के बन जाने से महज 10 मिनट में सफर पूरा हो जाएगा. IIT गुवाहाटी, AIIMS गुवाहाटी जैसे कई जरूरी इंस्टिट्यूशन नॉर्थ गुवाहाटी में हैं और गुवाहाटी हाई कोर्ट को भी वहीं शिफ्ट किया जाएगा, साथ ही ब्रह्मपुत्र के दक्षिणी किनारे पर मेन शहर में भीड़ कम करने के लिए कई जरूरी सरकारी ऑफिस भी वहीं शिफ्ट किए जाएंगे.







