स्पोर्ट्स डेस्क / सटोरियों के लिए बुरी खबर | बीसीसीआई ने सटोरियों के कारोबार पर करारी चोट की है | भारत में घरेलु टी -20 क्रिकेट लीग पर अब सट्टेबाज़ी की मंडराती काली छाया को रोकने का खांका तैयार किया गया है | भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई ) के भष्टाचार निरोध दस्ते (एसीयू )ने चिंता व्यक्त करते हुए बोर्ड से इन लीगो को बंद कर देने की सिफारिश की है | एसीयू ने एक रिपोर्ट मे बताया कि इस वर्ष तमिलनाडु प्रीमियर लीग के tuti patriyarts मदुरै पैंथर्स के मैच पर अंतर्राष्ट्रीय सट्टेबाज़ी वैबसाइट बैटफेयर के जरिए 225 करोड़ रुपए का सट्टा लगाया गया था | इसके अलावा देश के कई राज्यों में सट्टेबाजी के कारोबार मे खूब वृद्धि हुई है | पिछले सप्ताह ही बीसीसीआई प्रमुख सौरव गांगुली ने टीएनपीएल की दो फ्रेंचाईजी को निलंबित करने की घोषणा की थी |इसके तुरंत बाद तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन के अधिकारी ने स्पष्ट किया था क़ि किसी फ्रेंचाइजी को नहीं ,बल्कि टूटी पैट्रियॉटस के दो सह मालिकों को निष्कासित किया गया है | कयास लगाया जा रहा है कि वर्ष 2020 में घरेलु टी -20 लीग नहीं होंगे |

एक कारण यह भी बताया जा रहा है कि बीसीसीआई के लिए साल भर से घरेलु टी -20 लीग पेशानी का सबब बनी हुई है | अध्यक्ष गांगुली ने कहा था कि सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के कम से कम एक खिलाड़ी को इस सत्र मे बुकीज ने लालच दिया था | कर्नाटक प्रीमियर लीग को होल्ड पर रखा गया है | यही नहीं अब तक कई खिलाड़ियों को सट्टेबाजी के तहत गिरफ्तार किया जा चूका है |