रायपुर / छत्तीसगढ़ में अफसरों के बेलगाम खर्चों और यात्राओं के नाम पर लाखों स्र्पये के फर्जी बिल पेश करने पर अब बड़ी कार्रवाई होने जा रही है। पूर्ववर्ती बीजेपी शासन के दौरान चिप्स के तत्कालीन सीईओ आईएएस एलेक्स पाल मेनन के टूर बिल में लाखों स्र्पये की गड़बड़ी की एक शिकायत मुख्य सचिव से की गई थी। सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के आला अधिकारियों ने बताया कि जांच समिति ने मेनन से तीन लाख स्र्पये की वसूली की अनुशंसा की है।
छत्तीसगढ़ में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब किसी आइएएस अधिकारी के अधिक टूर बिल पेश करने के मामले में वसूली की कार्रवाई होगी। समिति ने अपनी रिपोर्ट विभाग के प्रमुख सचिव को सौंप दी है। एलेक्स पर आरोप था कि यात्राओं के दौरान एक दिन में 60 हजार खर्च कर दिए, जबकि खर्च की पात्रता केवल छह हजार रुपये है। इसके अलावा ट्रांसपोर्टेशन और अन्य खर्च मिलाकर एक दिन में एक लाख रुपये खर्च किये। एलेक्स की यात्राओं की यह सिर्फ एक बानगी थी। सूचना के अधिकार में उनकी सभी यात्राओं के बिल निकाले गए और लाखों स्र्पये के मनमाने खर्च का खुलासा किया गया था। एलेक्स ने यात्रा कहीं की भी की हो, उनकी यात्रा का बिल रायपुर की आइस क्यूब्स सर्विसेज नामक ट्रैवेल एजेंसी ने ही लगाया। ऐसे में सबसे अहम सवाल तो यही उठता है कि जब यात्राएं मुंबई, तमिलनाडु जैसी शहरों में की गई तो बिल फिर रायपुर की एजेंसी ने क्यों लगाया? इसकी जांच में ही पूरे मामले का खुलासा हुआ और जुर्माना की अनुशंसा की गई।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि 14-15 फरवरी 2016 को मुंबई में मेक इन इंडिया इवेंट आयोजित हुआ। इसमें चिप्स ने आइस क्यूब्स सर्विस नामक ट्रैवेल एजेंसी से अधिकारियों के ठहरने, ट्रांसपोर्ट, एयर टिकट की व्यवस्था कराई गई थी। उसका एक लाख 43 हजार 852 रुपए का बिल आइस क्यूब्स ने दिया। इसमें 43 हजार 385 रुपये का टीडीएस काटकर भुगतान किया गया। इसमें दो बार टीडीएस का भुगतान होने से विभाग को चपत लगी। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी ने जांच रिपोर्ट मिलने की पुष्टि की है। द्विवेदी ने कहा कि एलेक्स के मामले की जांच रिपोर्ट मिल गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर एलेक्स से जवाब मांगा गया था। एलेक्स ने अपना जवाब भी भेज दिया है। उनके जवाब का परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।