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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की आत्मकथा ‘ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माय लाइफ, माय स्ट्रगल्स’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी मौजूद रहे। बिरला ने पुस्तक के लोकार्पण को गौरव का विषय बताते हुए कहा कि राम नाथ कोविंद की आत्मकथा संघर्ष, दृढ़ संकल्प और उपलब्धि की प्रेरक गाथा है। उन्होंने कहा कि सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने की कोविंद की यात्रा उनकी असाधारण संकल्पशक्ति को दर्शाती है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्थायी स्रोत है।
संघर्ष और संकल्प की प्रेरक यात्रा
ओम बिरला ने राम नाथ कोविंद के प्रारंभिक जीवन और शिक्षा हासिल करने के दौरान सामने आई कठिनाइयों का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपनी यात्रा को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि साधारण पृष्ठभूमि से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचना उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और संकल्प का परिचायक है। उनकी जीवन यात्रा युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को विपरीत परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि संवैधानिक मूल्यों के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता के कारण राम नाथ कोविंद ने अधिवक्ता के रूप में भी अपनी अमिट छाप छोड़ी। सांसद के रूप में उनके कार्यकाल को अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के कल्याण, सामाजिक न्याय और सार्वजनिक जीवन में शुचिता के प्रति समर्पण का महत्वपूर्ण अध्याय बताया।
राज्यपाल के रूप में उच्च शिक्षा में बदलाव
बिरला ने कहा कि राज्यपाल के रूप में राम नाथ कोविंद ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता, गुणवत्ता और तकनीकी नवाचार को नई दिशा देने का काम किया। उनके कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं को बेहतर बनाने और संस्थागत गुणवत्ता को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
राष्ट्रपति के रूप में संवैधानिक परंपराओं को किया मजबूत
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत के राष्ट्रपति के रूप में राम नाथ कोविंद ने संवैधानिक परंपराओं को मजबूत किया और सामाजिक समरसता तथा समावेशी विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता कायम रखी। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों की यात्राओं के माध्यम से कोविंद ने भारत के अंतरराष्ट्रीय राजनयिक संबंधों को मजबूत करने में भी योगदान दिया।
कोविड महामारी में लोगों में जगाया विश्वास
ओम बिरला ने कोविड-19 महामारी के दौरान राम नाथ कोविंद की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि उस कठिन दौर में उन्होंने देशवासियों में साहस, एकता और विश्वास का संचार किया। उन्होंने राष्ट्रपति भवन को जनता के लिए अधिक सुलभ बनाने के प्रयासों को भी राम नाथ कोविंद की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल किया।
सार्वजनिक जीवन में योगदान जारी
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रपति पद से सेवानिवृत्त होने के बाद भी राम नाथ कोविंद अपने चिंतन, सार्वजनिक जीवन के समृद्ध अनुभव और सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता के माध्यम से देश, संविधान और समाज में निरंतर योगदान दे रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माय लाइफ, माय स्ट्रगल्स’ के माध्यम से पाठकों को राम नाथ कोविंद के जीवन के महत्वपूर्ण प्रसंगों को जानने का अवसर मिलेगा और उन्हें सार्वजनिक जीवन में सार्थक भूमिका निभाने की प्रेरणा मिलेगी। बिरला ने पुस्तक के प्रकाशन पर राम नाथ कोविंद को बधाई और शुभकामनाएं दीं।





